भारी उठापटक के बीच स्थिर रहा सोना, चांदी गिरी

भारी उठापटक के बीच स्थिर रहा सोना, चांदी गिरी

gold-silverनई दिल्ली। अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे और 500 तथा 1000 रुपये के नोट के प्रचलन को बंद करने को लेकर घरेलू बाजार में मची अफरातफरी से दिल्ली सर्राफा बाजार में हुई काफी उठापटक के बावजूद गत सप्ताह सोना 31,500 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा। हालांकि जेवराती और औद्योगिक मांग में आयी गिरावट से चांदी 300 रुपये प्रति किलोग्राम लुढ़ककर 44,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गयी। स्थानीय बाजार में गत सप्ताह मात्र चार ही दिन कारोबार हुआ। सोमवार को सोना 300 रुपये की गिरावट के साथ 30,850 रुपये प्रति दस ग्राम था और मंगलवार को इसके भाव स्थिर रहे।
बुधवार नौ नवंबर को सर्राफा बाजार में काफी हलचल रही। आठ नवंबर की रात सरकार की 500 रुपये और 1000 रुपये के नोट अवैध करने की घोषणा और अमेरिका के राष्ट्रपति के रुप में डोनाल्ड ट्रंप की जीत ने बुधवार को पीली धातु को अप्रत्याशित बढ़त दी। सुरक्षित निवेश और कालेधन को सफेद करने के चक्कर में सोना 900 रुपये की जबरदस्त छलांग लगाता हुआ तीन साल के उच्चतम स्तर 31,750 रुपये प्रति दस ग्राम पर पहुँच गया। इस दिन चाँदी भी 1150 रुपये की छलाँग लगाकर पाँच सप्ताह के उच्चतम स्तर 45,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुँच गयी। गुरुवार 10 नवंबर को सोना 600 रुपये टूटकर 31,150 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया और उसी शाम चार बजे स्थानीय सर्राफा कारोबारियों पर पड़े छापे के विरोध में 11 और 12 नवंबर को सर्राफा बाजार में सन्नाटा पसरा रहा।
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नौ नवंबर से ही सोने की कालाबाजारी का बाजार गर्म हो गया और मीडिया में आयी खबरों के अनुसार लोग 500 और 1000 रुपये के नोट को खपाने के लिए गैरपंजीकृत सोने को मुंहमांगे दाम पर खरीदने लगे। सरकार ने कालाबाजारी के सोने की बिक्री पर लगाम लगाने के लिए छापे मारे। इस बीच लंदन तथा न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार बीते सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना हाजिर 76 डॉलर की भारी गिरावट के साथ पांच महीने से ज्यादा के निचले स्तर 1,228 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। दिसम्बर का अमेरिकी सोना वायदा भी 77.62 डॉलर लुढ़ककर 1,227.40 डॉलर प्रति औंस बोला गया। विदेशों में चाँदी भी 1.06 डॉलर की गिरावट के साथ सप्ताहांत पर 17.35 डॉलर प्रति औंस बोली गयी। बाजार विश्लेषकों ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के नीतियों की स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आने से आशंकित निवेशकों के बीच मचे हड़कंप से पीली धातु में आगे भी उठापटक जारी रहने की उम्मीद है। स्थानीय बाजार में अभी सन्नाटा पसरा है, इस कारण दोनों कीमती धातुओं के रुख का अभी पता नहीं चल पाया है। हालांकि आलोच्य सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने में जबरदस्त तेजी और गिरावट दोनों रुख रहा। डोनाल्ड ट्रंप की जीत से दुनिया के प्रमुख शेयर बाजारों में मचे हाहाकार से कीमती धातुओं को तात्कालिक समर्थन तो जरुर मिला लेकिन नवनिर्वाचित राष्ट्रपति के भाषण से निवेशकों में बढ़े भरोसे ने इसमें तेजी से गिरावट लायी।
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गत सप्ताह सोना 31,150 रुपये प्रति दस ग्राम पर स्थिर रहा और सोना बिटुर भी 31,000 रुपये प्रति दस ग्राम टिका रहा। गिन्नी के भाव भी सप्ताहांत पर 24,600 रुपये प्रति आठ ग्राम पर रहे। थोक में चाँदी की माँग कमजोर पड़ी है जिससे चाँदी हाजिर 300 रुपये गिरकर 43,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही। आगे भी मांग में सुधार न होने की आशंका से चाँदी वायदा भी 380 रुपये लुढ़ककर 43,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गयी। सिक्का लिवाली और बिकवाली में एक-एक हजार रुपये की मजबूती रही। सप्ताहांत पर ये क्रमश: 77 हजार तथा 78 हजार रुपये प्रति सैकड़ा बोले गये। कारोबारियों ने बताया कि विदेशी बाजारों में आयी गिरावट के बावजूद स्थानीय बाजार में पीली धातु ने अपनी चमक नहीं खोयी है। हालाँकि, चाँदी की कमजोर माँग के कारण उसकी चमक फीकी हो गयी है। उन्होंने कहा कि आगे भी दोनों कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयल unnamed
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