भारत को करना पड सकता 15 लाख टन चीनी आयात

भारत को करना पड सकता 15 लाख टन चीनी आयात

दुबई। दुनिया भर में चीनी के सबसे बड़े उपभोक्ता देश भारत को उत्पादन में गिरावट के मद्देनजर इस साल 15 लाख टन चीनी आयात करना पड़ सकता है। भारतीय चीनी कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया सुगर ट्रेड एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रफुल्ल विठलानी ने दुबई चीनी सम्मेलन से इतर रायटर से कहा कि चीनी कब आयात करनी है, यह सरकार तय करेगी लेकिन कि मैं इतना कह सकता हूं कि चीनी सत्र 2016-17 में 15 लाख चीनी का आयात करना पड़ सकता है। श्री विठलानी ने कहा कि सरकार मार्च तक चीनी आयात के बारे में निर्णय ले सकती है और अगर इसमें बहुत देर भी हुई तो15 अप्रैल से ज्यादा देर नहीं होगी। उस समय तक सरकार के पास चीनी उत्पाद और खपत का स्पष्ट पूर्वानुमान होगा। सरकार का चीनी उत्पादन पूर्वानुमान दो करोड़ 25 लाख टन पर बना हुआ है लेकिन खाद्य मंत्रालय जल्द ही स्थिति की समीक्षा करने वाली है।
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ट्रेड एसोसिएशन अध्यक्ष के अनुसार मौजूदा चीनी सत्र में चीनी उत्पादन दो करोड़ टन के आसपास रहने और खपत दो करोड़ 45 लाख टन के करीब रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि इससे ओपनिंग स्टॉक 32 लाख टन का रह जायेगा और यह चीनी सत्र शुरु करने का अच्छा स्टॉक नहीं है। यह बहुत कम है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार चीनी आयात का निर्णय लेती है तो आयात शुल्क बढाया जायेगा। फिलहाल चीनी का आयात शुल्क 40 प्रतिशत है। श्री विठलानी के अनुसार यदि चीनी आयात का फैसला होता है तो चीनी थाईलैंड या दुबई से आयात करने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि इससे पहले चीनी मिल संगठन इस्मा ने कम चीनी उत्पादन का अनुमान जाहिर करते हुए कहा था कि इस चीनी सत्र में 31 जनवरी तक देश के चीनी मिलों ने कुल 128.55 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जबकि गत चीनी सत्र की समान अवधि में 142.80 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था।

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