भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्यौहार है भैयादूज

भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का त्यौहार है भैयादूज

bhaiya_dooj_tilakरिश्ते के अहसास व मिठास से लबरेज लोक पर्व भैयादूज को लेकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, राजस्थान, मध्यप्रदेश एवं दिल्ली में इन दिनों बहनों-भाईयों का उत्साह चरमोत्कर्ष पर है। तमाम लोक पर्व-त्योहार पूरी निष्ठा एवं शिद्दत से अब भी मनाये जाते हैं। भैयादूज ऐसा त्योहार है जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को जीवंतता प्रदान करता है।
इस पर्व में गोधन (बजरी) कूटने की परंपरा है। कार्तिक शुक्ल पक्ष द्वितीया को यह लोक पर्व प्रत्येक वर्ष मनाया जाता है। इस पर्व में महिलाएं सामूहिक रूप से एकत्र हाकर लोक गीत गाते हुए बजरी गोधन कूटती हैं जिसमें रेंगनी के काटे, रूई की माला, केराव की प्रमुखता होती है।
तत्पश्चात बहनें भाई को किसी आसन पर बैठाकर हाथ पर रोली-सिंदूर लगा पान सुपारी रखती हैं और भाई को बजरी, मिष्ठान और उपहार देकर आशीर्वचन देती हैं। ऐसी मान्यता है कि बहन द्वारा भाई को बजरी खिलाने से भाई दीर्घायु होने के साथ-साथ बज्र के समान मज़बूत हो जाते हैं।
इस मौके पर भाई द्वारा बहनों को उपहार देने का प्रचलन है। मान्यता है कि ऐसा नहीं करने पर वे बहन के ऋणंी हो जाते हैं। इस त्योहार के सेलिब्रेशन के लिए मार्केट के बाजारों में ढेर सारी उपहार सामग्री की बिक्र ी अभी से ही जोरों पर हैं।
-नर्मदेश्वर प्रसाद चौधरी

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