बैंक और डाकघर बचत खातों से निकासी पर नहीं लागू होगा दो लाख रुपये का लेन-देन

बैंक और डाकघर बचत खातों से निकासी पर नहीं लागू होगा दो लाख रुपये का लेन-देन

नई दिल्ली। कालेधन पर सृजन पर रोक लगाने के उद्देश्य से एक बार में दो लाख रुपये या उससे अधिक के नकद लेन देन पर उतनी ही राशि का जुर्माना लगाने के नियम बैंकों, सहकारी बैंकों और डाकघर बचत बैंक से दो लाख रुपये या उससे अधिक की निकासी पर लागू नहीं होगा।
सरकार ने नकद लेन-देन को हतोत्साहित करने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए वित्त विधेयक 2017 में कई कदम उठाये हैं और इसी के तहत दो लाख रुपये या उससे अधिक राशि की नकद लेन-देन पर उतना ही जुर्माना करने का प्रावधान किया गया है। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने दो लाख रुपये के नकद लेन-देन को लेकर आज एक बयान जारी किया जिसमें कहा गया है कि आयकर कानून में नयी धारा 269 एसटी और 271 डीए जोड़े गये हैं जो नकद लेनदेन को प्रतिबंधित करने से संबंधित है। इसके तहत कुछ मामलों को छोड़कर कोई भी व्यक्ति एक दिन में एक व्यक्ति से दो लाख रुपये या इससे अधिक की राशि स्वीकार नहीं कर सकता है।
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इसके साथ ही एक बार में या एक ही मौके पर या एक ही व्यक्ति से दो लाख रुपये की नकद राशि स्वीकार नहीं किया जा सकता है। बयान में कहा गया है कि अकांउट पेयी चेक या अकांउट पेयी बैंक ड्राफ्ट या बैंक खाते से इलेक्ट्रानिक हस्तांतरण पर यह लागू नहीं होगा। इसमें कहा गया है कि यह प्रतिबंध सरकारी भुगतान, बैंङ्क्षकग कंपनी के लेनदेन, सहकारी बैंक और डाकघर बचत बैंक पर लागू नहीं होगा। उसने कहा कि इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि यह प्रतिबंध बैंकों, सहकारी बैंकों और डाकघर बचत बैंक से निकासी पर लागू नहीं होगा। इसके लिए अलग से आवश्यक अधिसूचना जारी की जायेगी। बयान में कहा गया है कि छोटे असंगठित कारोबारियों में डिजिटल लेन देन को बढ़ावा देने के लिए चेक या डिजिटल भुगतान कारोबार पर संभावित कराधान को आठ प्रतिशत से कम करके छह प्रतिशत कर दिया गया है।

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