बैंकों के विलय के खिलाफ एसोचैम ने उठाई आवाज

बैंकों के विलय के खिलाफ एसोचैम ने उठाई आवाज

asochamनई दिल्ली। उद्योग संगठन एसोचैम का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जिस तरह से गंभीर संकट से जूझ रहे हैं, उससे उबरने के लिए विलय कोई रास्ता नहीं है। इसका सामना करने के लिए बैंकों को स्वातत्ता देने की जरूरत है।
एसोचैम के अध्यक्ष सुनील कनोरिया ने आज कहा कि संगठन ने इस संबंध में एक अध्ययन पत्र जारी किया है, जिससे पता चलता है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के मौजूदा संकट का सामना करने के लिए विलय कोई रास्ता नहीं है। इन बैंकों को पेशेवर बनाने से ही समस्या का समाधान हो सकता है। श्री कनोरिया ने एसोचैम के महासचिव डी.एस. रावत ने यहाँ आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कन्वर्जेंस, नॉट कंसोलिडेशन आन्सर फॉर पब्लिक सेक्टर बैंक शीर्षक से एक अध्ययन जारी करने के बाद मीडिया को बताया, हमारे अध्ययन में कहा गया है कि जिस तरह परिस्थितियाँ आज हैं, उनमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बोर्ड को अपना रास्ता चुनने की आजादी नहीं है। उन्हें छोटी से छोटी चीज के लिए भी वित्त मंत्रालय के सर्कुलर के अनुसार चलना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि बैंकों का आकार वित्तीय क्षेत्र के लिए मायने रखता तो चीन के बड़े बैंकों की वित्तीय हालत बहुत अच्छी होती। लेकिन, आज वैश्विक वित्तीय समुदाय के सामने सबसे बड़ी चिंता चीन के बैंकों की खस्ता हालत है।

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