बेटे को दो-तीन झापड़ रसीद कर दिए

बेटे को दो-तीन झापड़ रसीद कर दिए

 सोशल चौपालवाट्सएप-
एक पिता ने अपने बेटे को दो-तीन झापड़ रसीद कर दिए, थोड़ी देर बाद प्यार से सॉरी बोल दिया।
बेटा: डैड, एक कागज लो, उसे मोड़ो, रोल बनाओ। वापस उस कागज को खोलो और देखो क्या वह पहले जैसा ही कड़क है
पिता: नहीं
बेटा: सही कहा, रिश्ते भी ऐसे ही होते हैं। सॉरी से काम नहीं चलता।
पिता: बेटा बाहर मेरा स्कूटर खड़ा है। जाओ और उस पर एक किक मारो। बताओ क्या वह स्टार्ट हुआ।
बेटा: नहीं हुआ।
पिता: अब तीन-चार किक मारो।
बेटा: स्टार्ट हो गया।
पिता: तू भी वही स्कूटर है, कागज नहीं। ज्ञान मत दे मुझे! ??ट्विटर-
नींद नहीं आती रात को चैन नहीं आता दिन में मैने पूछा रब से क्या यह सच में प्यार है, नहीं बेटा उमस है, सबका यही हाल है।

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