बाजार पर दिखेगा चुनाव परिणामों का असर

बाजार पर दिखेगा चुनाव परिणामों का असर

मुंबई। घरेलू शेयर बाजारों गत सप्ताह तेजी के बाद पाँच राज्यों के शनिवार को घोषित विधानसभा चुनाव परिणामों, महँगाई के आँकड़ों तथा ब्याज दरों को लेकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के निर्णय का असर आने वाले सप्ताह में बाजार पर हावी रहेगा।
देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जबरदस्त जीत हुई है। इससे मोदी सरकार के हाथ और मजबूत होंगे तथा केंद्र सरकार को अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने में आसानी होगी। मणिपुर और गोवा में कांग्रेस सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, लेकिन स्पष्ट बहुमत के अभाव में वहाँ भाजपा भी सरकार गठन की रेस से बाहर नहीं है। पंजाब में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला है। खुदरा महँगाई और थोक महँगाई के आँकड़े मंगलवार को आने हैं तथा विश्लेषकों का कहना है कि इस बार खाद्य महँगाई में भी बढ़ोतरी देखी जा सकती है। अमेरिका में फेडरल रिजर्व की दो दिवसीय बैठक 14 मार्च को शुरू होगी। माना जा रहा है कि ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा सकती है। यदि फेड दरें बढ़ाता है तो इसका असर बाजार पर दिखेगा। बीते सप्ताह बीएसई का सेंसेक्स 113.78 अंक बढ़कर सप्ताहांत पर 28,946.23 अंक पर रहा। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 37 अंक फिसलकर 8,934.55 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले के सप्ताह में शेयर बाजार में गिरावट रही थी। गत सप्ताह दिग्गज कंपनियों में लिवाली के बीच छोटी तथा मझौली कंपनियों में निवेश धारणा कमजोर रही। बीएसई का मिडकैप 0.32 प्रतिशत यानी 43.45 अंक की साप्ताहिक गिरावट के साथ 13,365.59 अंक पर तथा स्मॉलकैप 0.11 प्रतिशत यानी 15.21 अंक लुढ़ककर 13,604.96 अंक पर आ गया।
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वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद द्वारा सीजीएसटी तथा आईजीएसटी के प्रारूप को मंजूरी मिलने के बाद सप्ताह के पहले दिन सेंसेक्स में 215.74 अंक की बढ़त रही। वैश्विक दबाव में मंगलवार और बुधवार को सेंसेक्स कुल मिलाकर 145 अंक लुढ़क गया। गुरुवार और शुक्रवार को मामूली तेजी के साथ सप्ताहांत पर यह 28,946.23 अंक पर बंद हुआ। 

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