बसंतपंचमी पर छात्र-छात्राएं करें विशेष पूजाः पंडित ललित शर्मा

बसंतपंचमी पर छात्र-छात्राएं करें विशेष पूजाः पंडित ललित शर्मा

बिजनौर में सिविल लाइन्स पैट्रोल पम्प के सामने कृष्णा सेन्ट्रल मार्केट में स्थित धार्मिक संस्थान विष्णुलोक पर ज्योतिषविद् पं. ललित शर्मा ने बसंत पंचमी पर छात्र-छात्राओं के लिए विशेष पूजा का महत्व बताया। भारत के अनेकों व्रत-उत्सवों में माघ शुक्ल पंचमी के व्रत को भी प्रधानता दी गई है, जो मां सरस्वती का विशेष पूजा दिवस है। माघ शुल्क पंचमी के दिन ही तेजस्विनी अनन्त गुणशालिनी मां सरस्वती राध, पदमा, सावित्री, दुर्गा और सरस्वती के रूप में भगवान श्री कृष्ण के विभिन्न अंकों से प्रकट हुई थी। मां सरस्वती विद्या, बुद्धि ज्ञान तथा वाणी की अधिष्ठात्री देवी है तथा शास्त्र-ज्ञान को देने वाली है। महर्षि बाल्मीकि, व्यास, वशिष्ठ, विश्वामित्र तथा शौनक आदि ऋषि मां सरस्वती की साधना करके ही पूजनीय और विशेष श्रद्धा के पात्र बन गए। बसंत पंचमी के दिन हमें वागीश्वरी देवी की विशेष पूजा-अर्चना करके पुण्यलाभ प्राप्त करना चाहिए।
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प्रातः नित्यकर्म से निवृत्त होकर घट स्थापित करके मां सरस्वती का आह्नान करना चाहिए और गणेश जी आदि का पूजन करके निम्न श्लोक से सरस्वती का ध्यान करना चाहिए-
ऊँ हीं ऐं हीं ऊँ नमः यह मां सरस्वती का बीज मंत्र है। पढ़ने वाले बच्चों को अपनी पढ़ने की मेज पर मां सरस्वती की प्रतिमा या चित्र रखना चाहिए। घर में जूते पहनकर पढ़ाई न करें। पढ़ते समय सम्भव हो तो मुख पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
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गले में गणेश रुद्राक्ष व सरस्वती मंत्रधारणकों मां सरस्वती को सफेद वस्तु जैसे-दूध, दही, मक्खन, सफेद तिल का लड्डू, खेत चंदन, सफेद फूल, सफेद वस्त्र, मूली, घी, नारियल, श्रीफल आदि चढ़ाने चाहिए। पूजा उपरान्त सरस्वती मां की आरती कर क्षमा प्रार्थना मंत्र बोलकर।

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