बर्फ से बनी एक अनोखी लाइब्रेरी

बर्फ से बनी एक अनोखी लाइब्रेरी

 रूस के साइबेरिया में एक लाइब्रेरी (पुस्तकालय) हैं जहां आपको कागज की नहीं किताबें नहीं मिलेगीं। यहां किताबें तो हैं पर वहां कागज ही नहीं हैं। दरअसल, इस लाइब्रेरी में कागज के बदले बर्फ की शिलाओं को किताबों का रूप दिया गया है। इस पुस्तकालय का नाम ‘आइस लाइब्रेरी ऑफ वंडर्स’ है। बर्फ से बना यह दुनिया का पहला पुस्तकालय है।
जमी झील में बनाई लाइब्रेरी

साइबेरिया प्रांत स्थित बैकल झील के किनारे इस लाइब्रेरी को पूरी तरह बर्फ से बनाया गया है। बैकल झील फिलहाल जमी हुई है और यह दुनिया की सबसे गहरी झीलों में से एक है। यह झील विश्व में मीठे पानी का सबसे बड़ा भंडार है। इसे 1996 में यूनेस्को ने वल्र्ड हेरिटेज साइट घोषित किया था। ‘आइस लाइब्रेरी ऑफ वंडर्स’ को मशहूर आर्किटेक्ट पावेल सैनिकोव ने स्थानीय कलाकारों के साथ मिलकर बनाया है। साइबेरिया पर्यटन विभाग ने अध्यक्ष और इस पुस्तकालय के लाइब्रेरियन मैक्सिम खोवोस्तिस्कोव ने बताया कि पर्यटन विभाग पर्यटकों को लुभाने के लिए कुछ अलग करना चाहता था। इसी को ध्यान में रखकर बर्फ की यह लाइब्रेरी बनवाई गई है।
ऊंची दीवारों को किताब की शक्ल दी गई

बर्फ से बने पुस्तकालय ‘आइस लाइब्रेरी ऑफ वंडर्स’ में इसकी ऊंची दीवारों को किताब की शक्ल दी गई है और इसके पन्नों पर दुनियाभर के लोगों द्वारा भेजे गए संदेश और इच्छाएं लिखी गई हैं। इस पुस्तकालय में कुल 42० किताबें हैं। जिनमें फिलहाल एक हजार लोगों की इच्छाएं और उनके द्वारा भेजी गईं शुभकामना संदेश, मुहावरों आदि को अंकित किया गया है। लाइब्रेरी की बर्फ की दीवार को काटकर उस पर लोगों द्वारा भेजे गए संदेश लिखे जाते हैं। जैसे ही लोग संदेश भेजते हैं, वैसे ही उस संदेश की महत्ता को समझकर आइस लाइब्रेरी में जगह दी जाती है। इस लाइब्रेरी में पढ़ाई का सारा सामान इसकी दीवारों पर मौजूद है।
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बर्फ की दीवारों पर संदेश
लाइब्रेरी को तैयार करने के लिए इसके लाइब्रेरियन मैक्सिम ने स्थानीय लोगों से उनके सपने और इच्छाएं लिखकर भेजने को कहा और इसके लिए एक वेबसाइट भी बनाई।
हालांकि वेबसाइट रूसी भाषा में है और लोगों को इसी भाषा में संदेश और शुभकामनाएं लिखकर भेजने को कहा गया था लेकिन दुनियाभर के लोगों ने इस लाइब्रेरी के लिए अपना संदेश अंग्रेजी, चीनी, रूसी, कोरियाई, स्पेनिश और फ्रेंच आदि भाषाओं में भेजा।
इसे देखते हुए लाइब्रेरी के प्रबंधकों ने इन सभी भाषाओं में बर्फ की दीवारों पर संदेश अंकित करवाए।
200 टन बर्फ का इस्तेमाल हुआ
8600 वर्ग फीट में फैले इस पुस्तकालय को बनाने के लिए बैकल झील में मौजूद पारदर्शी बर्फ की शिलाओं का इस्तेमाल किया गया है। इसे भूलभुलैया की शक्ल में डिजाइन किया गया, ताकि पर्यटक संदेश को पढ़ते हुए पूरे लाइब्रेरी में घूम सकें। ‘आइस लाइब्रेरी ऑफ वंडर्स’ को बनाने में 200 टन बर्फ का इस्तेमाल हुआ है। इसे देखने भारी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। पर्यटकों के मुताबिक यह पर्यटन के साथ प्रकृति संरक्षण का अच्छा प्रयास है।
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 गर्मी शुरू होते ही पिघल जाएगा
हालांकि, बर्फ से बना यह पुस्तकालय हमेशा के लिए नहीं रहेगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत है कि अप्रैल महीने में गर्मी शुरू होते ही यह पिघलकर बैकल झील में मिल जाएगा। इसे बनाने वाले आर्किटेक्ट पावेल सैनिकोव का कहना है कि वे हर साल यहां सर्दी के मौसम में ऐसा पुस्तकालय बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस लाइब्रेरी के पिघलने पर दुनियाभर के लोगों की इच्छाएं बैकल झील में समाहित हो जाएंगी और पानी की धारा के रूप में सतत बहती रहेगी।
8600 वर्ग फीट में फैला है पुस्तकालय। 200 टन वजन के बर्फ शिलाओं से बना है। 1000 संदेश अंकित गए हैं इस लाइब्रेरी में। इसकी दीवारों पर 420 किताबें लिखी हैं

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