बनें अच्छी रूम मेट…एक दूसरे की निजता का करें सम्मान

बनें अच्छी रूम मेट…एक दूसरे की निजता का करें सम्मान

 वनिशा, पिया, मायरा में बहुत अच्छी ट्यूनिंग है हालांकि इनका आपस में कोई रिश्ता नहीं है। तीनों दूर प्रांतों से आई हैं। वनिशा राजस्थान की है, पिया असम से और मायरा पंजाब से। इनकी दोस्ती में धर्म आड़े नहीं आया है। उन्हें एक दूसरे के कल्चर के बारे में जानने की उत्सुकता रहती है और एक दूसरे की भाषा सीखने का चाव। तीनों रूममेट्स हैं। हैदराबाद में जॉब कर रही हैं। रूममेट सिस्टम आज की जरूरत की देन है। पढ़ाई या नौकरी के कारण लड़कियों को घर से दूर रहना पड़ सकता है। ऐसे में अकेले मकान लेना न सेफ है, न इकोनोमिकल। ऐसे में अपने ही एज गु्रप की लड़कियों के साथ घर शेयर करना उनके हित में रहता है। किराया बंट जाने से खर्च भी कम हो जाता है। कंपनी भी रहती है और सेफ्टी भी महसूस होती है। सुख दुख का साथ हो जाने से वक्त आराम से कटने लगता है। मां बाप की चिंता भी कम हो जाती है वरना जवान लड़कियों के मां बाप उनके आंखों से दूर रहने के कारण चिंताग्रस्त रहते हैं।
हर चीज में फायदे नुक्सान दोनों रहते हैं। अगर सावधानी न बरती जाए, समझदारी से काम न लिया जाए तो गलत लड़की को रूममेट बनाकर जान मुसीबत में पड़ सकती है। इसके अलावा कुछ बातों को पहले ही क्लीयर कर लिया जाऐं तो बाद की मुसीबतों और कई तरह के झमेलों व मनमुटाव आदि से बचा जा सकता है।
लोकेशन चुनते हुए:-
यह ध्यान रखें कि बेटी का ऑफिस या कॉलेज वहां से बहुत दूर न हो। बदनाम इलाका न हो। कहीं आने जाने के लिए वहां से साधन आसानी से उपलब्ध हो जाते हों।
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बगैर जाने बूझे यूंही किसी भी लड़की के साथ रूममेट न बन जाएं। लड़की के चाल चलन व बैकग्राउंड आदि के बारे में जानने के बाद ही उसकी रूममेट बनने का सोचें। वैसे कई बार असलियत साथ रहने पर ही पता चलती है। अगर रूममेट बदचलन है तो अविलंब उसका साथ छोड़ दें।
यह उम्र ऐसी होती है कि पीयर प्रेशर से बचना मुश्किल होता है। कब रूममेट अपनी बातों के जाल में फंसा ले कुछ भरोसा नहीं। रूममेट आपकी कार्बन कॉपी तो नहीं मिल सकती लेकिन एक आम भारतीय लड़की की तरह संस्कारवान, विवेकशील, स्वाभिमानी हो, यही काफी है।
खर्च और काम बराबर का रखें:- आमतौर पर झगड़े का कारण कामचोरी और मुफ्तखोरी होते हैं। इस मामले में पहले से ही सब तय कर लें। स्वयं के काम के अलावा कमरे की सफाई के लिये एक-एक दिन बांट लें। किसी की जेनविन समस्या होने पर हैल्प की जा सकती है। बहुत रिजिड होने की जरूरत भी नहीं है। बस बेवकूफ न बनें, न बनायें।
आर्थिक पक्ष यानी कि खर्च की बात देखें तो एक लिखित एग्रीमेंट कर लें। किराया, खाना पीना, कुकिंग गैस, बिजली आदि का खर्च आधा बांट लें। आप जो सामान लायें, उसकी रसीद संभाल कर रखें। महीने के अंत में हिसाब कर लें। मेहमान आपके हैं तो उनकी जिम्मेदारी भी आपकी होगी। उनका अतिरिक्त खर्च आपको ही उठाना है।
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पुरूष मित्रों को तभी इनवाइट करें जब आपकी रूममेट और मकान मालिक को इस पर एतराज न हो।
एक दूसरे की निजता का सम्मान करें:- सब की नेचर अलग होती है। कई लड़कियां खुली किताब की तरह होती हैं। उनका कुछ भी प्राइवेट नहीं होता लेकिन कुछ रिजव्र्ड होती हैं। वे न दूसरों के मामले में अनुचित औत्सुक्य रखती हैं न अपने निजी मामलों में किसी का दखल पसंद करती हैं। जरूरी है कि एक दूसरे को स्पेस भी दी जाए। अगर दूसरे को आपका उसमें अनुचित इंट्रेस्ट लेना निजता पर आक्रमण लगता है तो ऐसी हरकत से बाज आयें। आपकी हॉबीज, इंट्रेस्ट अलग हो सकते हैं। ऐसे में कुछ समझौते दोनों ओर से अपेक्षित हैं।
एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें। उपहास न उड़ाएं। न ही रूममेट की हर एक से बुराई करें। आपातकाल के लिए रूममेट को अपने घर व ऑफिस का फोन नंबर देकर रखें। रूममेट की चीजों को बिना पूछे न लें। इस तरह कई छोटी-छोटी बातें हैं जिनका ध्यान रखना चैन से साथ रहने के लिये जरूरी है। याद रखें अगर कभी रूममेट को लेकर आप बहुत परेशान हो जाएं तो आप चेंज के लिए स्वतंत्र हैं।
– उषा जैन ‘शीरीं’

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