नजरअंदाज न करें …बदलते मौसम के मिजाज को…रखे ये ध्यान…!

नजरअंदाज न करें …बदलते मौसम के मिजाज को…रखे ये ध्यान…!

2मौसम में थोड़ा बदलाव आते ही जुकाम अपना प्रकोप दिखाना प्रारंभ कर देता हे। जुकाम एक तरह की एलर्जी है जिसके कारण नाक बहना और गले से बलगम निकलना आम बात हें जब हमारे श्वसन तंत्र के साथ पस और पानी का मिश्रण बनना प्रारंभ होता है तब नाक और गले से इसकी निकासी शुरू हो जाती है जबकि जुकाम कोई बीमारी नहीं है बल्कि इंफेक्शन की बीमारी का सूचक है जिससे बड़ी समस्या भी हो सकती है जैसे निमोनिया आदि। जुकाम किन लोगों को जल्दी निशाना बनाता है
बच्चे, बूढ़े और कमजोर लोग इसके निशाने पर रहते हैं।
जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो।
हार्ट, डायबिटिज, दमा, एड्स, हेपेटाइटिस, खून की कमी वाले लोग, टीबी, हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगी जल्दी इसकी चपेट में आते हैं।
जिन लोगों का शरीर सेंसिटिव हो।
लक्षण
अगर नाक से या गले से पतला सफेद पानी निकल रहा हो तो समझें जुकाम की शुरूआत हो गई है। यह अवस्था जुकाम की सामान्य अवस्था है। यह अपने आप दो तीन दिन में ठीक हो जाती है।
अगर हल्के पीले रंग वाला गाढ़ा पानी गले और नाक से निकले तो सावधान होने की आवश्यकता है। घरेलू नुस्खे अपना कर इलाज प्रारंभ कर दें।
नाक बंद होने पर वायरल इंफेक्शन हो सकता है जो स्टीम लेने से और एंटी एलर्जिक दवा लेने से तीन से पांच दिन में ठीक हो जाता है।
बैक्टीरियल इंफेक्शन में एंटीबायोटिक लेनी पड़ सकती हैं। डाक्टर से जांच करवा कर दवा लें।
अगर रेशा सफेद है तो यह एलर्जिक जुकाम है।
अगर रेशे का रंग हरा या पीला गाढ़ा है तो यह इंफेक्शन का सूचक है। ऐसे में डाक्टर से संपर्क करें नहीं तो इंफेक्शन फेफड़ों तक पहुंच कर ज्यादा तकलीफ दे सकता है।
अगर जुकाम पांच दिन से अधिक चले, साथ में खांसी, बलगम, सिरदर्द, बदन दर्द और हल्का बुखार भी हो तो डाक्टरी सलाह जरूरी है।
कुछ घरेलू इलाज
एक बड़ी इलायची पीस लें। उसमें चुटकी भर हल्दी या काली मिर्च पिसी हुई मिला लें। इसे शहद, मलाई या पानी के साथ लें।
तुलसी अदरक की चाय लें। दिन में दो-तीन बार पी सकते हैं।
मौसम बदलते ही दो-तीन तुलसी की पत्तियां प्रात: खाली पेट निगलें। यह आप पूरी सर्दी में भी ले सकते हैं। फिर चाय में थोड़ा नमक डालकर
 लें। गला भी ठीक रहेगा और जुकाम भी नहीं होगा।
रात्रि में गर्म दूध के साथ छोटा आधा चम्मच हल्दी पाउडर लें। उसके बाद पानी न पिएं।
तुलसी के दस पंद्रह पत्ते अच्छी तरह धोकर एक गिलास पानी में रख दें। तीन-चार घंटे बाद पानी थोड़ा थोड़ा कर दिन में तीन चार बार पिएं।
एक बड़े मग दूध में 5 से 8 कालीमिर्च, दो से तीन केसर की बालियां और थोड़ी सी मिश्री मिलाकर गर्म दूध लें।
एक चम्मच हल्दी को तवे पर गर्म करें। उससे निकलने वाले धुएं को सूंघे। आराम मिलेगा।
तुलसी और अदरक के रस को शहद में मिलाकर थोड़ा गर्म पीने से भी आराम मिलता है।
नाक बंद होने से स्टीम अवश्य लें। अजवायन को तवे पर गर्म कर रूमाल में बांधकर नाक और उसके आस-पास के भाग पर टकोर करें। रेशा पिघल कर बाहर निकलता है। इसी प्रकार काले जीरे को भी गर्म कर टकोर सकते हैं। नाक खुल जाएगी।
सौंठ, मुलहठी, काली मिर्च का पाउडर बना कर थोड़े से शहद में मिलाकर चाटें एक समय में लाभ मिलेगा।
सावधानी
सभी नुस्खों को एक साथ मत अपनायें। एक समय में एक नुस्खे का लाभ उठाएं। अगर लाभ न मिले तो डाक्टर से परामर्श करें। ये नुस्खे शुरूआती, सामान्य जुकाम में लाभ पहुंचाते हैं। बिगड़ जाने के बाद इनसे लाभ बहुत कम मिलता है।
-नीतू गुप्ता

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