बच्चों में भूख बढ़ाएंगे ये योगासन

बच्चों में भूख बढ़ाएंगे ये योगासन

बच्चों में भूख को लेकर होने वाली समस्याएं बेहद आम हैं। शैक्षणिक दबाव के कारण उन्हें कई बार समय पर भोजन करने का समय नहीं मिल जाता है ऐसे में उनकी भूख भी मर जाती है और शरीर में हेल्दी पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। अगर आपके घर-परिवार में भी किसी बच्चे को भूख सम्बंधी कोई समस्या है तो उसे प्रतिदिन १५ मिनट योगा करवाएं। योगा से बच्चों का स्वास्थ्य सही रहता है और उनकी भूख भी बढ़ती है। आइए जानते हैं भूख सम्बंधी समस्याओं को दूर करने वाले योगा:
1.
बटरफ्लाई पो़ज या बधाकोसन : यह भूख बढ़ाने वाला काफी अच्छा योगा है। इसे करने से कब्ज की समस्या दूर हो जाती है और पाचन क्रिया भी दुरूस्त हो जाती है। इसे निम्न प्रकार करें-सबसे पहले फर्श पर बैठ जाएं। अपनी पीठ को बिल्कुल सीधा रखें और अपने पैरों को घुटनों से मोढ़ लें। पैरों के तलवों को इस प्रकार रखें कि वो एक दूसरे के आमने-सामने रहें। अब अपने हाथों से, पंजों को पकड़ें और पैरों को मूव कराएं। अपनी जांघों को ऊपर नीचे हिलाएं। ऊपर की ओर जितना उठा सकते हैं उतना उठाएं। इसे जितनी बार किया जाएं, उतना ही अच्छा है। इसे करने से शरीर में लचीलापन भी आता है।
2. शशांक आसन या खरगोश पो़ज:
यह आसन तनाव दूर करने के लिए सबसे अच्छा होता है। इसे करने से पाचन क्रिया भी दुरूस्त रहती है और पेट में होने वाली आंतरिक समस्या भी दूर हो जाती है। इसे निम्न प्रकार करते हैं: शशांकासन को करने के लिए फर्श पर दरी या चटाई बिछाकर बैठ जाएं। दोनो पैरों को घुटनों से मोड़कर पीछे की ओर हिप्स के नीचे रखें और एड़ियों पर बैठ जाएं। अब सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर की ओर करें। इसके बाद सांस को बाहर छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की ओर झुकते हुए सांस को बाहर निकालें और दोनो हाथों को आगे की ओर फैलाते हुए हथेलियों को फर्श पर टिकाएं। अपने सिर को भी फर्श पर टिकाकर रखें। आसन की इस स्थिति में आने के बाद कुछ समय तक सांस को बाहर छोड़कर और रोककर रखें। फिर सांस लेते हुए शरीर में लचक लाते हुए पहले पेट को, फिर सीने को, फिर सिर को उठाकर सिर व हाथों को सामने की तरफ करके रखें। कुछ समय तक इस स्थिति में रहे और फिर सीधे होकर कुछ समय तक आराम करें और पुन: इस क्रिया को करें।
3.
चिन्मय मुद्रा : इस मुद्रा को करने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है, पाचन क्रिया दुरूस्त होती है और भूख लगना भी शुरू हो जाती है। इसके निम्न प्रकार किया जाता है: अपनी आंखों को बंद करके आराम से सुखासन में बैठ जाएं। अपने हाथों को जांघों पर रखें और हथेली को नीचे करके रखें। अब एक हाथ को उठाएं और उसके अंगूठें को दबाकर बाकी की तीन उंगलियों को ऊपर की ओर ज्ञान मुद्रा में रखें। गहरी सांस लें और दो से तीन मिनट तक इसी मुद्रा में रहें। इस प्रक्रिया को पांच बार दोहराएं।
4. सूर्य नमस्कार
से बच्चों को बहुत लाभ होता है। इसे बच्चों को सिखाएं और दिन में कम से कम पांच बार करने को कहें।

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