बच्चों को सिखाएं अकेले सोना

बच्चों को सिखाएं अकेले सोना

बच्चों को साथ सुलाना अच्छा है। इससे आपके और आपके बच्चों में एक बेहतरीन रिश्ता कायम रहता है, लेकिन एक उम्र के बाद उन्हें अकेले सोना सिखाना ही होता है। फिर लंबे समय तक पेरेंट्स के साथ सोने से बच्चे निडर नहीं बन पाते। इसीलिए बच्चों को अकेले सोने की आदत डालना जरूरी है। शुरूआत में थोड़ी मुश्किल आती है, लेकिन यह असंभव भी नहीं है।
रूटीन बनाएं

बच्चों के लिए एक रूटीन बनाएं और धीरे-धीरे उन्हें अकेले सोने के लिए प्रेरित करें। शुरूआत में थोड़ी दिक्कत आएगी। बच्चा भी आनाकानी करेगा और आपको भी अजीब लगेगा, पर कुछ समय बाद दोनों को आदत पड़ने लगेगी। आपका बच्चा भी जल्द आपकी बात को समझने लगेगा और अकेले सोने की कोशिश करेगा।
जल्दबाजी न करें

आप अपने बच्चे में एक नई आदत डालने जा रहे हैं तो कुछ धैर्य रखें। बच्चे पर बिना वजह दबाव न बनाएं। जल्दबाजी में बच्चा सीखने की जगह चिड़चिड़ा या जिद्दी भी हो सकता है और आगे आपकी परेशानी और बढ़ ही सकती है। इसलिए बच्चों के साथ जबरदस्ती करने की बजाए उन्हें प्यार से समझाएं।
सकारात्मक रहें

अचानक से बच्चा कुछ नया सीख रहा है तो शुरूआत में हो सकता है कि वो आपकी बातों को समझे ही न और आपके प्रति अपना व्यवहार बदल दे। बच्चा जिद पर अड़े तो उसे समझाएं कि अब वह बड़ा हो गया। आप सकारात्मक रहें और बार-बार प्रयास करते रहें। बच्चा जब आपको बड़ा मानने लगेगा तो वह खुद भी अलग सोने लगेगा।

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