बच्चों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय

बच्चों के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय

छोटे बच्चों के माता-पिता के प्यार और दुलार से अधिक सुरक्षित देखभाल की आवश्यकता होती है। हमारी लाख कोशिशों के बावजूद हम अपने बच्चों को सही सुरक्षा नहीं दे पाते हैं । ऐसी कई घटनाओं को देखा गया है कि छोटे बच्चों के बड़ों की दवा निगल लेने या कोई जहरीला पदार्थ पी लेने की घटनाएं हो जाती हैं। इस तरह की चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखने की चेतावनी पर ध्यान देना जरूरी है। छोटे बच्चों के माता-पिता के प्यार और दुलार से अधिक सुरक्षित देखभाल की आवश्यकता होती है और इसमें कोताही बरतना बच्चे के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। मातापिता को खुद ही इस बात से आश्वस्त होना चाहिए कि उन्होंने अपने नन्हें लाडले या लाडली की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव उपाय किए हैं।  सफदरजंग की डॉ. विद्या कुमारी का कहना है कि पूर्व में हुए हादसों की समीक्षा के बाद अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सुझाव दिए जाते हैं।उन्होंने कहा कि माता-पिता को यह ध्यान रखना चाहिए कि घर में बच्चों को नुकीली चीजों से दूर रखें। इसके लिए जरूरी है कि ऐसी चीजों को बच्चों की पहुंच से दूर रखा जाए जो उनके लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही फिनायल, दवाइयां, सर्फ, साबुन भी बच्चों की पहुंच में नहीं रखे रहने चाहिए क्योंकि ऐसी चीजें बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। माता-पिता को ध्यान रखना चाहिए कि घर में पानी की भरी हुई बाल्टी न रखी हो क्योंकि यह डेढ़ से ढाई वर्ष के बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
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कभी भी बच्चों को उनके नहाने वाले टब में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि घर में बिजली के उपकरण चलती हालत में न छोड़ें और बिजली के सर्किट भी खुले न छोड़ें। कई बार छोटे बच्चे बिजली के चलते उपकरण उठाकर खुद को नुकसान पहुंचा लेते हैं। इसी तरह बिजली के सर्विâटों में बच्चे अपनी नन्हीं सी उंगली डाल देते हैं जिससे उन्हें बिजली का करंट लगने का खतरा होता है। उन्होंने कहा कि बच्चों को घर में थोड़ी देर के लिए भी अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। यह ध्यान रखना चाहिए कि घर की बालकनी पर्याप्त ऊंची हो और वहां पर बच्चों के चढ़ने के लिए कोई सामान न हो।

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