फेड रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने के संकेत का बाजार पर होगा असर

फेड रिजर्व के ब्याज दर बढ़ाने के संकेत का बाजार पर होगा असर

मुंबई। बीते सप्ताह एक फीसदी से अधिक लुढ़के शेयर बाजार पर अगले सप्ताह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने के संकेत का दबाव रह सकता है। फेड रिजर्व की अध्यक्ष जेनेट येलेन ने शुक्रवार देर रात वार्षिक मौद्रिक नीति सम्मेलन में कहा, रोजगार के नये अवसरों में बढ़ोतरी होने के साथ ही आर्थिक विकास दर में भी धीमी गति से वृद्धि हो रही है। इसके मद्देनजर हमारे पास अगले महीने ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का मजबूत आधार है। इससे यूरोप एवं अमेरिकी बाजारों में बेहतर रिटर्न पाने की उम्मीद मे विदेशी निवेशक घरेलू बाजार में बिकवाली कर सकते हैं। इसके अलावा अगले सप्ताह बाजार की चाल निर्धारित करने में अगस्त के मासिक वायदा सौदा निपटान की भी अहम भूमिका रहेगी। समीक्षाधीन सप्ताह बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 294.75 अंक अर्थात 1.05 फीसदी लुढ़ककर तीन सप्ताह के न्यूनतम स्तर 27,782.25 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 94.35 अंक यानी 1.09 फीसदी टूटकर 8,572.55 अंक पर रहा। इस दौरान बाजार में पाँच में से तीन कारोबारी दिवस गिरावट रही वहीं दो दिन तेजी दर्ज की गई। रिजर्व बैंक गवर्नर पद पर महँगाई नियंत्रित रखने की नीतियों के लिए जाने वाले उर्जित पटेल की नियुक्ति की घोषणा से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पडऩे की आशंका का बाजार पर असर दिखा और सप्ताह के पहले दिन सोमवार के सेंसेक्स 91 अंक से अधिक टूटा। हालाँकि मंगलवार को इसमें मामूली बढ़त और बुधवार को करीब 70 अंक की तेजी भी रही। फेडरल रिजर्व की वार्षिक मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दर बढ़ोतरी पर सुश्री येलेन के आनेवाले बयान को लेकर निवेशक में सतर्कता दिखी और उनके बिकवाली का रास्ता चुनने के दबाव में शुक्रवार को सेंसेक्स 224 अंक और इसके अगले दिन भी करीब 54 अंक गिर गया।

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