फेडरल रिजर्व ने तीन महीने में दूसरी बार ब्याज दर बढ़ायी

फेडरल रिजर्व ने तीन महीने में दूसरी बार ब्याज दर बढ़ायी

वाशिंगटन। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में सुधार, रोजगार के मजबूत आंकड़ों तथा मुद्रास्फीति के लक्षित स्तर तक बढऩे के विश्वास के मद्देनजर फेडरल रिजर्व ने तीन महीने में दूसरी बाद नीतिगत ब्याज दरों में 0.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। फेड की प्रमुख जेनेट येलेन ने नीतिगत दरों पर दो दिवसीय बैठक के बाद बुधवार को इसकी घोषणा करते हुये कहा, कि पिछले कुछ महीने में उम्मीद के अनुरूप आर्थिक विकास हुआ है। अर्थव्यवस्था जिस रास्ते पर बढ़ रही है उसे लेकर हम आश्वस्त हैं। इस बढ़ोतरी के बाद अब नीतिगत दरें 0.75 प्रतिशत से एक प्रतिशत के बीच हो गयी हैं। फेडरल रिजर्व ने कहा कि इस साल दिसंबर तक दो बार और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना है जबकि अगले साल ब्याज दरें तीन बार बढ़ाये जाने की उम्मीद है। आर्थिक मंदी के समय ब्याज दरें लगभग शून्य तक घटाने के बाद दिसंबर 2015 में पहली बार इनमें 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की गयी थी। उसके बाद दिसंबर 2016 में भी ब्याज दर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद ब्याज दरें बढ़ाने के क्रम में आक्रामकता के कयास लगाये जा रहे थे। लेकिन, फेड के स्थिर बढ़ोतरी की योजना दुहराने से उसके बयान के बाद डॉलर में गिरावट देखी गयी जबकि सोने में जबरदस्त तेजी रही। कच्चा तेल भी एक फीसदी से ज्यादा चढ़ गया। अमेरिकी शेयर बाजार भी बढ़त बनाने में कामयाब रहे जिससे बांड यील्ड कम हो गया। फेड के सदस्यों की राय में मुद्रास्फीति अब केंद्रीय बैंक के दो प्रतिशत के लक्ष्य के करीब पहुंच चुकी है और कई महीने तक कमजोर बने रहने के बाद कारोबारी निवेश में कुछ सुधार हुआ है। इसके बावजूद उन्होंने दरों में बढ़ोतरी की रफ्तार तेज करने की बात नहीं कही है।
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बयान में कहा गया है कि भविष्य में दरों में बढ़ोतरी धीरे-धीरे की जायेगी। मौजूदा रफ्तार से दरों के वर्ष 2019 के अंत तक सामान्य स्तर पर आने की उम्मीद है। श्रम समूहों ने फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में यथासंभव धीमी रफ्तार से बढ़ोतरी करने का अनुरोध किया है ताकि नये लोगों को नौकरी देना जारी रहे तथा मजदूरी ज्यादा न बढ़ानी पड़े। पिछले तीन महीने में अमेरिका में रोजगार में प्रति माह औसत 2,09,000 की बढ़ोतरी हुई है जो काम करने की उम्र के लोगों की जनसंख्या में वृद्धि की दर से ज्यादा है। सुश्री येलेन ने मुद्रास्फीति के लक्ष्य से दो प्रतिशत से ऊपर निकलने की संभावना से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा, यह अमेरिकी लोगों को आगाह करने का सही समय है कि मुद्रास्फीति कभी-कभार दो प्रतिशत से नीचे तो कभी-कभार इससे ऊपर भी रह सकती है। दो प्रतिशत कोई अधिकतम सीमा नहीं है।

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