फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान के साथ तो नहीं!

फारूक अब्दुल्ला पाकिस्तान के साथ तो नहीं!

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अपनी बेबाकी और विवादित बयानों के लिए सुर्खियां बटोरने वाले जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर की आजादी की वकालत करते हुए हुर्रियत कांफ्रेस को पूरा साथ देने का ऐलान कर दिया। जिन्होंने भी उस समय फारूक का बयान सुना उसे ऐसा प्रतीत हुआ मानो वो कह रहे हों कि अब वो पाकिस्तान के साथ हैं और यही वजह है कि हुर्रियत का समर्थन कर रहे हैं। हालांकि बाद में वह अपने बयान से पलट गए और कहने लगे कि आजादी से मेरा मतलब कश्मीरियों का हक है। हम कश्मीरी अवाम के साथ हैं। हुर्रियत का साथ भी तभी तक है, जब तक उसका रास्ता सही है। कौन नहीं जानता कि जब तक अपना लाभ सधता रहता है तब तक सभी रास्ते सही लगते हैं, लेकिन जैसे ही अपना काम निकलना बंद हो जाता है अच्छे से अच्छे रास्ते भी बेकार और धोखा देने वाले लगने लगते हैं।
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