फल-सब्जियों के छिलके भी हैं उपयोगी

फल-सब्जियों के छिलके भी हैं उपयोगी

छिलके का अर्थ है छील कर व्यर्थ मान कर फेंक देने की वस्तु। वस्तुत: आज तक अधिकांश लोग यही मानते हैं कि छिलके अनुपयोगी होते हैं। वे छिलकों के गुणों से अनजान होते हैं। वास्तव में छिलके बहुउपयोगी होते हैं।
छिलकों का उपयोग विभिन्न बीमारियों में औषधि के रूप में, शारीरिक सौंदर्य रक्षा में, स्वास्थ्य सुरक्षा में, स्वादिष्ट खाद्य सामग्री तैयार करने में, रसोई, कपड़ों आदि के रख रखाव में किया जा सकता है। आइये रद्दी समझकर फेंके जाने वाले कुछ फलों एवं सब्जियों के गुणों का अवलोकन करें।
फलों के छिलके:- फलों का गूदा व रस पौष्टिक, गुणकारी व स्वास्थ्य के लिए लाभकारी तो होता ही है, छिलके भी कम उपयोगी नहीं होते। बहुपयोगी छिलकों वाले प्रमुख फल -नींबू, संतरा, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, पपीता, अनार, केला, बादाम आदि हैं।
नींबू के छिलके के गुण:-
नींबू अत्यंत गुणकारी व स्वास्थ्यवद्र्धक फल है। इसका रस जितना उपयोगी है, उतना ही रस निचोडऩे के बाद बचा हुआ छिलका भी। इस छिलके के निम्न उपयोग हैं।
सौंदर्य देखभाल में-
– निचोड़े हुए नींबू के छिलके को चेहरे पर रगडऩे से त्वचा की चिकनाई कम होती है।
– बर्तन धोने या धूल-मिट्टी का काम करने अथवा खाने के बाद निचोड़े नींबू के छिलके को हाथों व नाखूनों पर रगडऩे से हाथों की त्वचा व नाखूनों का मैल साफ होता है। त्वचा का रंग निखरता है तथा नाखूनों में चमक आती है।
– नींबू के छिलकों को कुहनियों व टखनों पर रगडऩे से इन जगहों की त्वचा का काला रंग समाप्त होता है, साथ ही उनका खुरदरापन भी हटता है जिससे त्वचा कोमल होती है।
– नींबू के सूखे हुए छिलकों को पीसकर गुलाब जल अथवा दूध में मिलाकर उबटन करने पर त्वचा की चिकनाई कम होती है तथा त्वचा की रौनक लंबे समय तक बनी रहती है।
स्वास्थ्य रक्षा में
– नींबू के छिलके में नमक लगाकर दांत साफ करने पर मुंह की दुर्गंध दूर होती है तथा दांत भी मजबूत होते हैं।
– नींबू के छिलकों को सुखाने के बाद जलाकर बनी राख में सेंधा नमक एवं कपूर मिलाने से गुणकारी एवं सस्ता मंजन बनता है जो मुंह को स्वच्छ रखने के साथ दांतों के पायरिया रोग को भी खत्म करता है। इस मंजन से दांत व मसूड़ों में मजबूती आती है एवं वह चमकीले हो जाते हैं।
– सिरदर्द में नींबू के छिलकों को पीस कर लेप करने से (सिर में) सिरदर्द समाप्त हो जाता है।
खाद्य-सामग्री के रूप में-
– नींबू के छिलके को नमक में मिलाकर चौड़े मुंह के मर्तबान में ढक कर रखने से कुछ दिन बाद छिलके गल जाते हैं जिसमें हींग, लाल मिर्च, शक्कर आदि मसाले बुरक कर स्वादिष्ट चटपटे अचार का रसास्वादन कर सकते हैं।
घरेलू रख रखाव में:-
– नींबू के छिलके को थोड़ा नमक मिलाकर उससे पीतल के बर्तन आदि साफ करने पर उसमें पुरानी चमक लौट आती है। वे बिलकुल नये से लगते हैं।
यकृत में सूजन: हिफाजत आवश्यक
– कपड़ों की अलमारी में धूप में सुखाये नींबू के छिलके रखने पर अलमारी के कीड़े भागते हैं।
अन्य उपयोग:- खुले अंगों को नींबू के छिलके से रगड़कर सोने पर उनमें मच्छर नहीं काटते।
संतरे के छिलकों के फायदे:- सौंदर्य देखभाल में:-
– छाया में सुखाये हुए संतरे के छिलकों को पीसकर बनाये चूर्ण का एक चम्मच मात्रा में एक एक चम्मच मुल्तानी मिट्टी, गुलाब जल व बादाम का तेल मिलाने पर बढिय़ा उबटन तैयार हो जाता है जिससे त्वचा चमकदार बनती है। सूखी त्वचा के लिए यह बहुत फायदेमंद है।
– केसर, चंदन का बूरा, दूध मिले हुए संतरे के छिलकों के चूर्ण को चेहरे पर लेपन करने से चेहरे में नयी आभा आयेगी।
– संतरे के छिलकों को डालकर रखे हुए पानी से स्नान करने पर शरीर महक उठता है।
नींबू व संतरे के छिलकों का उपयोग:-
– नींबू व संतरे के छिलकों के उबले पानी से मुंह धोने पर त्वचा स्वच्छ व मुलायम बनती है। इसी में ठंडा पानी मिलाकर नहाने से शरीर को ताजगी महसूस होती है।
खीरा-ककड़ी के छिलकों का उपयोग घरेलू रखरखाव में:-
– खीरे-ककड़ी के छिलकों को रैक, अलमारी, दराज आदि में रखने पर वहां से काकरोच, झींगुर आदि कीड़े भागते हैं।
पपीते के छिलके के फायदे:- सौंदर्य रक्षा में:-
– पपीते के छिलके को सुखाने के बाद पीस कर उसमें ग्लिसरीन मिक्स करके चेहरे पर लेप करने से चेहरे की खुश्की मिटती है।
औषधि के रूप में:-
– पैरों के तलवे की दरारों से खून निकलने पर कच्चे पपीते के छिलके को पीस कर पैरों की दरारों में लगाने से आराम मिलेगा।
अनार के छिलकों के गुण:-
औषधि के रूप में:-
– फोड़े, फुंसी, दाद व खाज में अनार के छिलकों को लहसुन के साथ पीसकर लगाने से फायदा होता है।
– खांसी में अनार का छिलका मुंह में रखकर चूसने से आराम मिलता है।
– अनार के जलाये हुए छिलकों को पीसकर उसमें हल्दी मिलाकर बांधने से पुरानी चोट की पीड़ा से छुटकारा मिलता है।
– दमा तथा श्वांस के रोग में शहद के साथ अनार के सूखे छिलकों का पूर्ण सेवन हितकारी होता है।
– मासिक धर्म के दिनों में अनार के छिलकों के दो चम्मच चूर्ण को गरम पानी अथवा चाय के साथ प्रतिदिन 5 दिन लेने से रक्तस्राव कम होता है या रूकता है।हर उम्र के लिए खाएं हैल्दी फूडकेले के छिलकों के लाभ:-
स्वास्थ्य रक्षा में:-
– चोट पर केले का छिलका बांधने से आराम मिलता है।
– जख्म में केले के छिलके की भीतरी पतली सी परत लगाने पर हर तरह के जख्म का घाव भर जाता है।
अन्य उपयोग:-
– चमड़े के जूते, चप्पल या अन्य वस्तुओं को केले के छिलके के अंदर के गूदे से रगड़कर सूखने के बाद कपड़े से पोंछने पर चमड़े में चमक आ जाती है।
बादाम के छिलके से फायदा:-
स्वास्थ्य रक्षा में:-
– बादाम के छिलके को जलाने के बाद इसमें नमक मिलाकर बनाये गये मंजन से दांत मजबूत व निरोगी होते हैं।
सब्जियों के छिलके:-
करेले के छिलके:-
स्वास्थ्य रक्षा में:-
– करेले की सब्जी अत्यंत गुणकारी मानी जाती है। इसका छिलका भी कम गुणकारी नहीं। इसके छिलके के रस का रोज सेवन करने पर डायबिटीज (मधुमेह) पर काबू पाया जा सकता है।
– करेले के छिलके की सब्जी प्याज मिला कर बहुत स्वादिष्ट बनती है।
– करेले के छिलकों का परांठा भी स्वादिष्ट लगता है।
अन्य उपयोग:-
– करेले के छिलके को सुखाकर दाल, चावल, गेहूं, बेसन, मैदा तथा अन्य खाद्य पदार्थों के डिब्बों में रखने से उनमें कीड़े लगने की संभावना कम हो जाती है।
– सुरेन्द्र श्रेष्ठ

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