प्रेम, विश्वास और आत्मीयता ही हिन्दुत्व

प्रेम, विश्वास और आत्मीयता ही हिन्दुत्व

वे कहते है
`हिन्दुत्व की विचारधारा किसी के विरोध में नहीं है। किसी का द्वेष और विरोध हिन्दुत्व नहीं है बल्कि सबके प्रति प्रेम, विश्वास और आत्मीयता ही हिन्दुत्व है।
डॉ. मोहन मधुकर राव भागवत
आरएसएस सरसंघचालक
यदि सभी राजनीतिक दल मिल-जुल कर काम करें तो बड़ा से बड़ा काम आसानी से किया जा सकता है।
नरेन्द्र मोदी
प्रधानमंत्री

Share it
Share it
Share it
Top