‘प्रेम विवाह’ के रास्ते में रूकावट बनते जाति धर्म के बंधन…!

‘प्रेम विवाह’ के रास्ते में रूकावट बनते जाति धर्म के बंधन…!

आज तेजी से बदलते जमाने के हिसाब से लोगों की सोच में भी बदलाव आ चुका है। खासकर युवा वर्ग शिक्षित होकर अपने जीवन के महत्त्वपूर्ण फैसले खुद करने लगे हैं। वहीं दूसरी तरफ आज हमारे समाज और देश में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके लिए जाति-धर्म ही सर्वोपरि है। कुछ मां-बाप की राय में जब लड़का या लड़की दोनों अलग-अलग जाति धर्म से संबंध रखते हों तो उनका विवाह करना उचित नहीं है।
मैं ऐसे रुढि़वादी विचारधारा वाले मां-बाप और जाति धर्म के आधार पर इंसानों को जुदा करने वाले धर्म के ठेकेदारों को बताना चाहता हूं कि ‘सृष्टि’ के निर्माण के बाद जब पृथ्वी पर मानव जीव की उत्पत्ति हुई तो पति-पत्नी के रूप में केवल एक जोड़ा ईश्वर ने बनाया जिनको आज हम ‘आदम और हौआ’ के नाम से जानते हैं। सारी दुनियां के मनुष्य उन्हीं की संतान हैं। ईश्वर ने उनकी जाति और धर्म का नामकरण क्यों नहीं किया? इसका उत्तर शायद इन लोगों के पास नहीं है।
मां बाप विशेष ध्यान दें: जब आप अपने बेटे या बेटी की खुशियों की खातिर उनको अपने करियर, मनपसंद बाइक, मोबाइल फोन, या डे्रस आदि कई विषयों पर निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र रखते हैं तो अपने बच्चों को विवाह जैसे महत्त्वपूर्ण विषय पर निर्णय लेने की आजादी क्यों नहीं दे सकते? इन्हें भी अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीने का पूरा अधिकार है इसलिए आप लोग अपनी बेटी या बेटे के द्वारा ‘प्रेम विवाह’ का महत्त्वपूर्ण निर्णय लेने पर उनके बीच ‘जाति धर्म’ की दीवार खड़ी करने की बजाय, उनके निर्णय को अपनी स्वीकृति प्रदान करें और उनकी खुशी में अपनी खुशी समझें।
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युवकों के लिए दिशा निर्देश:-
यदि आप किसी लड़की से प्रेम करते हैं और वह भी आपको पसंद करती है तथा दोनो लोग अपने प्रेम को, विवाह के रूप में परिणित करना चाहते हों, तब आपके रास्ते में रुकावट बनकर खड़े जाति धर्म के आधार पर अलग करने वाले लोग हों या कोई रिश्तेदार या फिर आपके अपने मां बाप हों, यदि आप दोनों के लाख समझाने के बावजूद इस विवाह का विरोध कर रहे हैं तो कुछ बातों को ध्यान में रखकर आप बिना किसी भय के विवाह के पवित्र बंधन में बंध जाएं। यकीन मानें आपके रास्ते में आने वाली सारी समस्यायें स्वत: दूर हो जायेंगी। इसके लिए आपको कुछ नियम व शर्तें पूरी करनी होगी।
– क्या आप कानूनी तौर पर बालिग हैं अर्थात आपकी उम्र 21 वर्ष से कम तो नहीं है?
– क्या आप अपने परिवार तथा स्वयं के खर्चों में आत्मनिर्भर हो चुके हैं?
– क्या आप अपने परिवार, मां-बाप या रिश्तेदारों द्वारा आपसे सारे संबंध तोड़ देने पर अथवा आपके पिता द्वारा अपनी प्रापर्टी से बेदखल कर दिये जाने पर आपकी जीवन साथी बनने जा रही लड़की को वे सारी सुख-सुविधायें और मान-सम्मान प्रदान कर सकते हैं, जो एक आदर्श पत्नी को मिलने चाहिए?
अगर आप उपरोक्त शर्तों को पूरा करते हैं तो बेशक आप अपना विवाह कर सकते हैं लेकिन सावधान रहें क्योंकि खतरा अभी टला नहीं है। जी हां, अगर आप अपना विवाह कोर्ट में कर रहे हैं तो ठीक है। इसके विपरीत आप ये विवाह किसी ‘मंदिर या मस्जिद’ में कर रहे हैं तो ‘विवाह के पश्चात’ फौरन इसका पंजीकरण कोर्ट में अवश्य करवा लें अन्यथा आपके विवाह को ‘अवैध और गैर कानूनी’ साबित करवाने के लिए कुछ दुश्मन इसी मौके के इंतजार में बैठे हैं।
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युवतियां भी ध्यान रखें:-

– यदि आप किसी लड़के से प्रेम करती हैं और उससे विवाह करने की इच्छुक हैं लेकिन आपकी उम्र 18 वर्ष से कम है तो ऐसे समय में आपका विवाह कानूनी तौर पर अमान्य होगा, इसलिए थोड़ा और इंतजार कर लें और यह बातें अपने ब्वायफ्रेंड को भी समझाएं।
– अगर आप भविष्य में कुछ बनना चाहती हैं जैसे-डाक्टर, इंजीनियर आदि तो सर्वप्रथम अपने करियर पर ध्यान दें, बाद में शादी करें।
– विवाह से पूर्व यह निश्चित कर लें कि आपका जीवन साथी बनने जा रहा लड़का अपने घर वालों के विरोध के चलते आपको वह स्वयं के खर्चे से रोटी, कपड़ा तथा मकान प्रदान करने में आत्मनिर्भर है।
– अपने जीवन-साथी बन रहे युवक की अच्छी तरह जांच-परख कर ही विवाह करें।
यदि आप दोनों (युवक-युवती) उपरोक्त बताई गई शर्तों को पूरा कर पाने में असमर्थ हैं तो थोड़ा इंतजार कर लें और अपने दोस्त के दबाव में आकर या स्वयं जल्दबाजी में कोई निर्णय न करें जिससे आपको या आपके दोस्त को किसी तरह का कष्ट उठाना पड़े क्योंकि युवा वर्ग में जोश ज्यादा और होश कम होता है इसलिए कभी-कभी दिल से ही नहीं, दिमाग से भी काम लेना चाहिए।
अक्सर देखने में आता है कि कुछ ‘युवक युवतियां’ प्रेम विवाह करने में असफल हो जाने पर आत्महत्या कर लेते हैं लेकिन ‘आत्महत्या’ किसी भी समस्या का हल नहीं हो सकता। बेहतर यही होगा जब आप अपने रास्ते में आने वाली जाति धर्म की दीवारों को नष्ट कर दें और अपने प्रेम संबंधों अथवा प्रेम विवाह के निर्णय पर मां-बाप से खुलकर बात करें क्योंकि जब आप अपने साथी (युवक या युवती) को विश्वास दिला सकते हैं कि आप एक-दूजे के लिए ही इस दुनियां में पैदा हुए हैं, अगर शादी करेंगे तो उन्हीं से वरना कुंवारे रह जायेंगे और संग जीने मरने की कसम खा सकते हैं तो इस मामले पर अपने मां-बाप या समाज के सामने बोलने की हिम्मत करें आपके लिए रास्ते खुद ब खुद खुल जायेंगे।
आपने प्रेम किया है, कोई ‘अपराध’ नहीं। वो जमाना इतिहास के पन्नों में बंद हो गया जब प्रेम करने वालों को दीवारों के भीतर चुनवा दिया जाता था। ‘स्मरण रहे आज जमाना आपसे है, आप जमाने से नहीं’, ‘आप बदलेंगे युग बदलेगा और आप सुधरेंगे तो जग सुधरेगा।’
– मूलचंद विश्वकर्मा

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