प्रधानमंत्री को अपनी जान की फिकर …!

प्रधानमंत्री को अपनी जान की फिकर …!


एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असद्दुदीन औवेसी का कहना है कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि 50 दिन में हालात सुधर जाएंगे, लेकिन मेरा मानना है कि हालात सुधरते-सुधरते साल गुजर जाएंगे। बकौल ओवैसी प्रधानमंत्री मोदी को अपनी जान की फिकर है जबकि उनके नोटबंदी के कारण देश के 120 लोग अपनी जान से हाथ धो बैठे हैं। आखिर यह कैसा निजाम है जिसे अपनी तो फिकर है, लेकिन देशवासियों की उसे फिकर है ही नहीं। इसलिए यह सच लगता है कि जो लोग आज लंबी-लंबी बैंक और एटीएम लाइनों में लगे हैं वो कल मोदी के खिलाफ वोट करने के लिए लाइन में लगेंगे। अब औवेसी चाहे जो कहें लेकिन यह तो समय ही बताएगा कि वोट देने वाला किसके पक्ष में लाइन पर खड़ा होता है।

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