पुदीने से घरेलू उपचार

पुदीने से घरेलू उपचार

पुदीना एक औषधीय पौधा है। यह मनुष्य जाति के लिए विभिन्न बीमारियों में औषधि तथा अन्य रूप में उपयोग किया जाता है।
प्रत्येक घर में इसकी चटनी बना कर तथा विभिन्न प्रकार से उपयोग किया जाता है।
पेट की खराबी, पेट फूलना, जी मिचलाना, बेचैनी होने पर पुदीने के रस का आधा चम्मच एक कप पानी से देने पर तुरंत लाभ होता है।
उदर विकार अपच, मंदाग्नि में पुदीने की पत्ती के साथ मुनक्का गर्म पानी में गलाकर सुबह इस को मसलकर उसी पानी के साथ पीने से लाभ होता है।
कफ जमा हो या हिचकी आती हो तो अंजीर के साथ पुदीने की पत्ती को गर्म पानी में गलाकर खाने से लाभ होता है।
विभिन्न प्रकार की बीमारियों की प्रारंभिक स्थिति में पुदीने पत्ती को शहद के साथ सेवन करने से लाभ होता है।
इस के तत्व मेन्थोल (पीपरमेंट) का उपयोग पान मसाले, मिठाइयां, विभिन्न प्रकार की दवाइयों, मंजन (पेस्ट) केंडी, आइसक्रीम, चाकलेट, च्यूगंम उच्च किस्म की शराब, दर्दनाशक और कफ नाशक तथा डायजेस्टिव औषधियों के रूप में उपयोगी होता है।
पुदीने के पत्तों की लुगदी लगाने से बिच्छु या कीड़े के घाव आदि ठीक हो जाते हैं।
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स्त्रियों के मासिक धर्म की खराबी में पुदीने की पत्ती की चाय बना कर देने से लाभ होता है।
हृदय के दर्द या मस्तिष्क की कमजोरी में पुदीने की पत्ती को शहद के साथ दिन में 2-4 बार देने से लाभ होता है।
पुदीने में विभिन्न प्रकार के टरपिन्स जैसे- मेंथोल, मेंथान, आदि को निकाल कर पीपरमेंट और अन्य उपयोगी रसायनों (तैल) का निर्माण कर विभिन्न प्रकार से उपयोग किया जाता है।
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शिकंजी, शराब तथा चटनियों में इसका उपयोग कर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
हैजा में पुदीना, प्याज तथा नींबू के रस के साथ कई बार पीने से लाभ होता है।
-रमेश कुमार जैन

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