‘पप्पू’ और ‘पंजाबियत’ के बीच ‘गुरू’…जा खड़े हुए ‘पप्पू’ के ही पायदान पर : डॉ. प्रभात ओझा

‘पप्पू’ और ‘पंजाबियत’ के बीच ‘गुरू’…जा खड़े हुए ‘पप्पू’ के ही पायदान पर : डॉ. प्रभात ओझा

बहुत दिन नहीं हुए जब भाजपा में रहते पार्टी सांसद नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पप्पू कहकर उनका मजाक उड़ाया करते थे। आज वही ‘गुरू’ यानी नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में हैं। खास बात यह कि पंजाबियत के हक में खड़े दिखाई देते ‘गुरू’ अपने मकसद के लिए ‘पप्पू’ के ही पायदान पर जा खड़े हुए। कहा जाता है कि राजनीति में कुछ भी अंतिम नहीं हुआ करता। नवजोत सिंह सिद्धू भी अपनी कही पुरानी बातों को अपने शायराना अंदाज में झुठला सकते हैं। फिलहाल तो उनके इस अंदाज से पंजाब और पंजाबियत को कितना लाभ पहुंचेगा, यह पता नहीं। यह जरूर है कि कांग्रेस ने इस अंदाज का भरपूर फायदा उठाने का मन बना लिया है। जो खबरें छनकर आ रही हैं, उससे अंदाज लगता है कि वह अपना पहला रोड शो जरूर पंजाब में कांग्रेस के सीएम कैंडिडेट कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ करेंगे, पर बाद में उन्हें अधिक से अधिक चुनाव क्षेत्रों में जाने के लिए अलग से उड़न खटोला दे दिया जायेगा। तब वह न सिर्फ कैप्टन, बल्कि कांग्रेस के दूसरे बड़े स्टार प्रचारकों की श्रेणी में होंगे। जाहिर है कि सिद्धू जैसे स्टार प्रचारक का कांग्रेस खूब इस्तेमाल करना चाहेगी। साथ ही ध्यान रखना होगा कि सिद्धू भी कच्चे खिलाड़ी नहीं हैं। बीजेपी छोड़कर आम आदमी पार्टी में शामिल होने के लिए वह ‘आप’ नेताओं को इंतजार ही कराते रहे। कहते हैं कि आप में वह सीएम उम्मीदवार बनाये जाने की शर्त पर ही जाना चाहते थे। यह मुमकिन नहीं हुआ तो कांग्रेस से बात चली और यहां भी हां-ना के बीच डोलते हुए अंतत: उन्होंने हाथ का साथ कर लिया। अब यहां आये हैं तो कुछ तो तय हुआ ही होगा। इसे समझने के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक दिन पहले के बयान पर ध्यान देना होगा।
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कैप्टन ने कहा था कि सिद्धू के कांग्रेस में शामिल होने के दिन ही वे दिल्ली आएंगे। कुछ तो ऐसा हुआ है कि कैप्टन भटिंडा में पार्टी का प्रचार कर रहे थे और इधर दिल्ली में सिद्धू के ‘पप्पू’,सिद्धू को पार्टी का तिरंगा पट्टा पहना रहे थे। संकेत समझा जा सकता है कि गुरू के साथ कांग्रेस उपाध्यक्ष ने जो भी तय किया, उसकी पूरी जानकारी प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर को नहीं दी गई है। साफ तौर पर बात समझ में आती है कि राहुल और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच ऐसा कुछ पका है, जिसकी गंध कैप्टन तक नहीं पहुंच पाई। कुछ तो है कि अमरिंदर सिंह कहते रहे हैं कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट देगी। नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर पहले से ही पार्टी में आ चुकी हैं। अब मिस्टर नवजोत भी आ गये हैं तो सिर्फ विधायकी से संतुष्ट तो रहेंगे नहीं।
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राजनीतिक विश्लेषक सिद्धू के कांग्रेस में आने को कैप्टन की भावी कुर्सी तक को असहज होने के तौर पर देखते हैं। कुछ रुककर विचार करें तो राजनीति और पार्टी में लंबी पारी खेलने वाले अमरिंदर सिंह को पीछे धकेलना बहुत आसान नहीं होगा। फिर भी एक चुनाव अभियान में बड़ा चेहरा बनकर उभरने वाले सिद्धू जैसे व्यक्ति को कमतर नहीं आंका जा सकेगा। उम्मीद की जाती है कि माकूल हालात बनने पर सिद्धू स्वाभाविक रूप से नंबर दो के दावेदार तो बन ही सकते हैं। यह भी मुमकिन हो सका तो ‘गुरू की पंजाबियत’ शायद बरकरार रह सकेगी। 

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