पति-पत्नी अलग-अलग शहर में करते हो नौकरी… तो ये है ज़रूरी उनके लिए….!

पति-पत्नी अलग-अलग शहर में करते हो नौकरी… तो ये है ज़रूरी उनके लिए….!

husband-wife-love-improtance1372060346-improtancelove4बड़े शहरों में पति पत्नी दोनों नौकरी करते हैं। दिन भर घर से बाहर रहते हैं। रात में थके-हारे घर पहुंचते हैं तो वे एक दूसरे को समय नहीं दे पाते। इस प्रकार उनमें दूरियां बढ़ती जाती हैं और आपसी संबंधों में दरार आने लगती है। इन रिश्तों को समय रहते न बचाया जाए तो रिश्ते टूटते समय नहीं लगता। यदि आप रिलेशनशिप बचा कर रखना चाहते हैं तो ध्यान दें कुछ बातों पर।
अगर पार्टनर पर पूरा विश्वास है, चाहे संबंध बिगड़ भी रहे हों तो भी जड़ें मजबूत रहेंगी। विश्वास स्थिति को संभाल लेता है। इस बारे में निहारिका का कहना है, मैं दिल्ली में काम करती हूं और पति मुंबई में। अक्सर पति विदेश टूर पर रहते हैं। पिछले तीन साल से यह सिलसिला चल रहा है पर दोनों छुट्टी का इंतजार करते हैं कि कब छुट्टी हो और हम मिलें और अपने अनुभव शेयर करें। आपसी विश्वास ही हौंसला बढ़ाता है और रिलेशनशिप हैल्दी बनाता है।
एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें। रिश्ते की बुनियाद मजबूत बनती है इस भावना से। अपने पार्टनर की किसी कमी का मजाक न उड़ायें। यदि पार्टनर परेशान है तो उसकी परेशानी सुनें और उचित सलाह दें। मदद की आवश्यकता हो तो मदद करने से न घबरायें।
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जब कभी आप ऑफिस या व्यवसाय के कारण किसी परेशानी से जूझ रहे हों और पत्नी इस चीज की परवाह न करे तो आपको बुरा लगता है। उसी प्रकार पत्नी कभी ऑफिस से परेशान हो तो उसे भी आवश्यकता होती है आपके मेंटल सपोर्ट की। उसकी समस्या को ध्यान से सुनें ताकि उन्हें लगे कि आप उनके साथ हैं। कुछ शब्द सहानुभूति के बोलें। यह बात दोनों पार्टनर्स के लिए है।
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कम्यूनिकेशन गैप रिश्तों को बिखेरता है पर खुल कर की गई बात रिश्तों को समेटती है। इसलिए आपस में कोई दुराव छुपाव न रखें। अपने मन की बात अपने पार्टनर से कहें जिससे रिश्ते हैल्दी बने रहें। कभी-कभी आपस में बहस हो जाती है। ऐसे में उस समय यदि एक पार्टनर चुप हो जाए और अवसर आने पर बात स्पष्ट कर दे तो मुद्दा बढ़ता नहीं, काबू में रहता है।
पति द्वारा पत्नी के साथ बलात्कार
सुनीता से उनकी 30 वर्ष की खुशहाल शादी के बारे में बात की तो उनका कहना था, ‘हम शुरू में एक दूसरे के साथ इतना फ्री नहीं थे। तब मैं घुटती रहती थी पर जल्दी ही समझ आ गई कि घुटने से बेहतर है अपने मन की बात कह डालो। यही हमारी खुशहाल जिंदगी का राज है।
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पति को चाहिए कि पत्नी को बराबरी का हक दे, केवल बातों से नहीं, वास्तव में भी। कई पति पत्नी को अपनी पसंद के कपड़े पहनने, सहेलियों के साथ शापिंग करने, मूवी देखने का हक तो देते हैं पर जब कोई निर्णय लेना हो, वहां अपनी चलाते हैं। यह गलत है। जब भी निर्णय लेना हो उसे भी पूरा हक दें कि वो क्या चाहती है। फिर मिलकर फैसला लें।
मेरे एक कलीग हैं जिन्हें अपनी पत्नी को उसके मायके अकेला भेजना पसंद नहीं। रात भी नहीं रहने देते और यदि उसके बास का फोन घर पर आ जाए तो उन्हें अच्छा नहीं लगता। कलीग की इन बातों से लगता है कि उन्हें अपनी पत्नी पर विश्वास नहीं। उनका ऐसा सोचना गलत है। उसे यदि नौकरी का हक है तो अपने बास से काम की बात पर फोन सुनने का भी हक होना चाहिए। अपने मायके अकेले जाने और रात वहां रहने का भी हक होना चाहिए। अपने रिश्तों को मजबूत बनाने के लिए बराबरी का हक दें।
मजबूत आपसी रिश्तों में ईमानदारी का भी बहुत बड़ा हाथ होता है तभी रिश्ते लंबे अर्से तक चलते हैं चाहे विवाह अपनी पसंद का हो या माता-पिता द्वारा। वित्तीय मामले में और दोस्ती के मामले में भी ईमानदारी आवश्यक है। यदि समय कम है और आप रिश्ते को सहेज कर रखना चाहते हैं तो दोनों तरफ से रिश्तों को सहेजना आना जरूरी है।– नीतू गुप्ताuntitled-1-3

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