पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करने हेतु

पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करने हेतु

readingआज बाह्य वातावरण में इतने अधिक ध्यान भंग करने वाले स्रोत हैं कि अपनी पढ़ाई पर सही रूप से स्वयं को केन्द्रित करना अति कठिन होता जा रहा है। विशेषकर किशोरावस्था में अत्यधिक उत्सुक लोग भी अपना ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते हैं। अति उत्सुकता एकाग्रता को खत्म करती है। ऐसे में किसी भी प्रकार के दबाव से छुटकारा पाने का प्रयास करें तथा उस बात का स्पष्टीकरण करने का प्रयास करें। अपने मस्तिष्क को आराम दें। हमारे शरीर की संरचना इस प्रकार की है कि हम 30 से 35 मिनट ही अपने को एक ओर केन्द्रित रख सकते हैं। जो बच्चे अपना ध्यान केन्द्रित करना चाहते हैं, उनके लिए कुछ विशेष जानकारी प्रस्तुत है जिससे वे लाभ उठा सकते हैं:-
ध्येय बनाएं:- योजनाबद्ध तरीके से चलने का प्रयास करें। प्लैनिंग करें कि अपने ध्येय को मुझे किस प्रकार पूरा करना है। अपने निश्चित किये गये समय में खूब मेहनत करें। कभी-भी अपना टारगेट ऐसा न बनायें जो पूरा न हो सके और निराशा हाथ लगे। दिन के अंत में विचार करें कि आज आपने जो पढऩे के लिए सोचा था, कितना पूरा किया, क्या बच गया है। समय होने पर उसे पूरा करने का प्रयास करें। आप अपना टाइम टेबल इस प्रकार से तैयार करें जिससे आप एक विषय पर ही न अटके रहें और अन्य विषयों को भी पूरा समय दे सकें। विषय पढ़ें, उसे उचित समय दें ताकि विषय को समझा जा सके। विषय बदलते रहने से आप एक विषय को पढ़कर बोर नहीं होंगे और ध्यान भी नहीं भटकेगा क्योंकि एक विषय पर आप अधिक समय तक ध्यान केन्द्रित नहीं कर पायेंगे।
प्रिय विषय को अपनाएं:- जो विषय आपको अधिक पसंद है, पढ़ाई की शुरूआत उसी विषय को लेकर करें। कम से कम 30 से 45 मिनट तक अपने प्रिय विषय को पढ़ें, उसके बाद कठिन विषयों को पढऩे के लिए आपका मन तैयार हो जायेगा और तब तक एकाग्रता भी बन जायेगी।
विश्राम लें:- लगातार पढऩा या कोई काम करना इंसान को बोर कर देता है। उस ‘बोरडमÓ को दूर करने के लिए छोटा सा ब्रेक लें। मन में धारण करें कि किस प्रकार के और कितने समय के ब्रेक के बाद आप फिर से पढऩे को तैयार हो सकते हैं। एक घंटा पढऩे के बाद 10 मिनट का विश्राम काफी होता है। इस विश्राम में आप टी. वी. देख सकते हैं, घर के बाहर बालकनी में सैर कर सकते हैं, अपनी पसन्द के गीत सुन सकते हैं, प्रकृति के नजारों का आनंद उठा सकते हैं, थोड़ा आराम कर सकते हैं या गेंद से खेलकर स्वयं को तरोताजा कर सकते हैं। आराम करते समय ध्यान रखें कि ब्रेक छोटा ही होना चाहिए, लम्बा नहीं।
शांत स्थान:- पढ़ते समय टी. वी. वाले कमरे में या गेस्टरूम में न बैठें। अलग शांत स्थान पर बैठ कर पढ़ाई करें। मेहमान के असमय आने से आपको कोई कठिनाई न हो, इस बात का स्वयं ध्यान रखें और आपके परिवार वालों को भी ध्यान रखना चाहिए।
व्यायाम:- बीच में समय मिलने पर थोड़ा व्यायाम करते रहें जिससे आपका शरीर चुस्त बना रह सके। स्वस्थ दिमाग के लिये स्वस्थ शरीर का होना आवश्यक है। सुबह खुली हवा में टहलें और थोड़ा सा व्यायाम भी करें।
नीतू गुप्ता

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