नेता धरना देने के लिए नहीं चुने जाते

नेता धरना देने के लिए नहीं चुने जाते

pranab mukherjee
नोटबंदी के कारण सदन में लगातार जारी गतिरोध से नाराज राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने कहा कि नेताओं को जनता इसलिए नहीं चुनती कि वो संसद में धरना-प्रदर्शन करें, बल्कि उन्हें सदन में बहस करना चाहिए, जनहित के मामले उठाने चाहिए और कार्रवाई को चलाना चाहिए। इससे यह तो स्पष्ट हो गया कि नोटबंदी के फैसले को भले ही विपक्ष ने सही ठहरा दिया हो लेकिन उससे उपजी स्थिति से वो खासे विचलित हैं और इसलिए सदन की कार्रवाई को चलने नहीं दे रहे हैं। इस पर विपक्ष का कहना है कि सरकार ने गैरजिम्मेदाराना कदम उठाकर पूरे देश को परेशानी में डाल दिया है, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए और बाहर बयान देने की बजाय सदन में अपनी बात रखनी चाहिए। इस पर सत्ता पक्ष राजी नहीं है और विपक्ष इससे कम में मानने को तैयार नहीं है अब यदि राष्ट्रपति यह कहते हैं तो समझा जा सकता है कि दूसरे पक्ष की बात कौन सुनेगा और जब बात नहीं सुनी जाएगी तो धरने-प्रदर्शन तो होंगे ही।
add-royal-copy
 

Share it
Top