नीतिगत दरें यथावत, सस्ते ऋण के लिए करना होगा और इंतजार

नीतिगत दरें यथावत, सस्ते ऋण के लिए करना होगा और इंतजार

 नीतिगत दरें यथावत, सस्ते ऋण के लिए करना होगा और इंतजारमुंबई ।  रिजर्व बैंक ने खुदरा महँगाई को चार फीसदी के आसपास रखने की अपनी प्रतिबद्धता जातते हुये आज नीतिगत दरों को यथावत बनाये रखने का निर्णय लिया जिससे कार, घर और व्यक्तिगत ऋण के तत्काल सस्ते होने की उम्मीद लगाये लोगों को निराशा हाथ लगी है। रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने मौद्रिक नीति समिति की दो दिनों की बैठक के आज चालू वित्त वर्ष की छठी एवं अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति की समीक्षा जारी की जिसमें नीतिगत दरों को अपरिवर्तित रखा गया है। रेपो दर 6.25 प्रतिशत, रिवर्स रेपाे दर 5.75 प्रतिशत, मार्जिनल स्टैंडिंग फसिलिटी (एमएसएफ) 6.75 प्रतिशत, बैंक दर 6.75 प्रतिशत, नकद आरक्षित अनुपात 4.0 प्रतिशत और वैधानिक तरलता अनुपात 20.50 प्रतिशत पर यथावत है। समिति ने बयान में कहा है कि विकास को गति देते हुये खुदरा महँगाई को चार प्रतिशत के आसपास रखने के लक्ष्य से नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया गया है। समिति के सभी छह सदस्यों ने इसका समर्थन किया है। उसने कहा कि महँगाई विशेषकर सेवा क्षेत्र की महँगाई दरों में कमी आने की उम्मीद की जा रही है। इसके मद्देनजर समिति ने समझौता वाले अपने रुख को बदलते हुये निष्पक्ष रुख अपनाने का निर्णय लिया है। उसने कहा कि नोटबंदी के प्रभावों और उत्पादन में अंतर को दूर करने के उद्देश्य से नीतिगत दरें यथावत रखी जायेंगी। समिति ने नोटबंदी के मद्देनजर चालू वित्त वर्ष के लिए अार्थिक विकास दर अनुमान और घटाते हुये 6.9 प्रतिशत कर दिया है। उसने दिसंबर में वित्त वर्ष 2016-17 के लिए सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) अनुमान 7.6 प्रतिशत से घटाकर 7.1 प्रतिशत किया था। आज वित्त वर्ष की छठी और अंतिम समीक्षा बयान में इसे और कम करके 6.9 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही वित्त वर्ष 2017-18 के लिए विकास दर 7.4 प्रतिशत रहने की बात कही गयी है।

Share it
Top