नारे लगाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तौर पर नहीं देखा जा सकता

नारे लगाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तौर पर नहीं देखा जा सकता

वे कहते है
देश के विघटन के समर्थन में नारे लगाने को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के तौर पर नहीं देखा जा सकता जैसा कि कुछ लोग वकालत कर रहे हैं।
अरुण जेटली
केन्द्रीय वित्तमंत्री“कुछ लोगों के नारे लगा देने से हमारे देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं हो जाता।
शशि थरुर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता

Share it
Top