नई मार्बल आयात नीति एक अक्टूबर से प्रभावी

नई मार्बल आयात नीति एक अक्टूबर से प्रभावी

makanनई दिल्ली। केंद्र सरकार ने निर्माण उद्योग को बढ़ावा देने और लक्जरी आवास की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मार्बल- संगमरमर एवं इसके खंड तथा ग्रेनाइट पत्थर के लिए नई आयात नीति को अधिसूचित कर दिया है जो एक अक्टूबर से प्रभावी होगी।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने आज यहां बताया कि इस नीति से घरेलू मार्बल उद्योग के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी और निर्माण उद्योग में लक्जरी आवास की जरुरतों को भी पूरा किया जा सकेगा।
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 संगमरमरम और इसके खंड के आयात की लाईसेंस व्यवस्था समाप्त कर दी गयी है। संगमरमर खंड के आयात के लिए न्यूनतम आयात मूल्य 200 डॉलर प्रति टन कर दिया गया है हालांकि घरेलू मार्बल उद्योग के हितों की सुरक्षा के लिए आयातित संगमरमर और संगमरमर खंड पर सीमा शुल्क मौजूदा 10 प्रतिशत और 40 प्रतिशत से बढकर चार गुना तक हो जाएगा। मार्बल पट्टी के आयात पर न्यूनतम आयात मूल्य 40 डालर प्रति वर्गमीटर तक घटा दिया गया है।
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 घरेलू उद्योग को देखते इस पर आयात शुल्क 10 प्रतिशत से दोगुना 20 प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह से ग्रेनाईट पट्टी का न्यूनतम आयात मूल्य 50 डालर प्रति वर्गमीटर कम कर दिया गया है। वहीं इसके सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है।
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 सरकार का मानना है कि नयी मार्बल आयात नीति से लाईसेंस व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। नयी व्यवस्था से उपभोक्ता और घरेलू मार्बल उद्योग को लाभ होगा तथा आयातकों को सहूलियत होगी। इसके लिए देश में लक्जरी आवास की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा।

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