देश में 2022 तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में होंगे तीन लाख रोजगार

देश में 2022 तक अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में होंगे तीन लाख रोजगार

नयी दिल्ली। देश में सौर एवं पवन ऊर्जा के क्षेत्र में 2022 तक तीन लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर पैदा होने वाले हैं और इनमें भी तकरीबन 70 प्रतिशत अकेले छतों पर लगने वाले सौर पैनल से जुड़ी गतिविधियों में होंगे। 

गैर सरकारी संगठन ऊर्जा ,पर्यावरण एवं जल परिषद तथा प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद की ओर से कराये गये ताजा अध्ययन में यह खुलासा हुआ है। आज जारी इस अध्ययन के अनुसार देश में अगले पांच वर्षा में पवन ऊर्जा क्षेत्र में 34000, सौर ऊर्जा में 58000 और छतों पर सौर पैनल से जुड़ी गतिविधियों में दो लाख 38 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है । जलवायु परिवर्तन के खतरों से निपटने के लिए स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल के तहत भारत ने वर्ष 2022 तक 160 गीगावाट अक्षय ऊर्जा के उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। अध्ययन के अनुसार यदि घरेलू सौर उद्योग को बढ़ावा दिया गया तो 45000 अतिरिक्त रोजगार का सृजन किया जा सकता है ।
अध्ययन के अनुसार वर्ष 2016-17 में सौर एवं पवन ऊर्जा के क्षेत्र में 21000 से ज्यादा लोगों को रोजगार मिला है जबकि अगले वर्ष में 25000 अतिरिक्त लोग इस क्षेत्र में शामिल होंगे । सौर ऊर्जा के सर्वाधिक रोजगार महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में होंगे जबकि पवन ऊर्जा के उन राज्यों में होंगे, जहां उच्च पवन क्षमता ज्यादा होगी ।
नोटबंदी: बैंकों, डाकघरों को पुराने 500 और 1000 के नोट जमा कराने का एक और मौका…!
इन क्षेत्रों में सौर प्रणाली स्थापित करने वाले ,रखरखाव कर्मी ,इंजीनियर ,तकनीशियन और प्रदर्शन सम्बन्धी आंकड़ों की निगरानी करने वाले लोगों को रोजगार मिलेगा ।

केंद्र एवं राज्य सरकारों से रूफटॉप सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नीति सम्बन्धी सहायता देने , प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने ,पवन ऊर्जा की अधिकता वाले राज्यों में पवन ऊर्जा प्रशिक्षण केंद्र विकसित करने तथा घरेलू सौर उत्पादक उद्योग को प्रोत्साहन देने की सिफारिश की गयी ।

Share it
Top