देश में 2.4 करोड टन दलहन उत्पादन की योजना

देश में 2.4 करोड टन दलहन उत्पादन की योजना

नयी दिल्ली । देश में दालों की किल्लत , जमाखोरी और मूल्य वृद्धि की समस्या से जूझ रही सरकार ने अब इसके उत्पादन में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने तथा 2020-21 तक दो करोड़ 40 लाख टन दलहनों की पैदावार की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है । भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और कृषि एवं सहकारिता विभाग संयुक्त रूप से दलहनों के उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि के लिए एक कार्य योजना पर काम कर रहे हैं और 2017-18 में दलहनों का उत्पादन दो करोड़ 10 लाख टन करने लक्ष्य तय किया है । आधिकारिक जानकारी के अनुसार 30 से 40 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में दलहनों की खेती को बढावा देने और पंजाब , हरियाणा , पश्चिमी उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान के कुछ भागों में गेहूं ,आलू तथा सरसों की फसल के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल लेने की योजना है ।पूर्वी उत्तर प्रदेश , बिहार , झारखंड , ओडिशा , छत्तीसगढ और पश्चिम बंगाल में धान की फसल लेने के बाद परती छोड़ दी जाने वाली जमीन में मसूर एवं काबुली चने की खेती को बढावा देने तथा आंध्र प्रदेश , तमिलनाडु , और कर्नाटक में धान की फसल लेने के बाद खाली छोड़ दिए जाने वाले खेतों में मूंग या उड़द की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । देश में सालाना लगभग दो करोड़ 30 लाख टन दालों की जरूरत है लेकिन पिछले तीन चार वर्षो से दलहनों का उत्पादन एक करोड़ 70 लाख टन से एक करोड 90 लाख टन के बीच ही हो पाता है । दालों की कमी को पूरा करने के लिए करीब 30 से 40 लाख टन दालों का आयात किया जाता है । वर्ष 2013..14 के दौरान दालों के आयात पर 11038 करोड़ रूपये खर्च किये गये थे । 

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