दुनियां में चैन की नींद बड़ी समस्या है

दुनियां में चैन की नींद बड़ी समस्या है

शहरीकरण एवं आधुनिक संसाधनों ने दुनियां के सामने कई तरह की समस्याएं खड़ी कर दी हैं। इनमें चैन की नींद नसीब न होना भी शामिल है। बड़े होकर एवं आधुनिक संसाधनों ने मिलकर सूर्य से तारतम्य रखने वाली हमारी जैविक घड़ी ही बिगाड़ दी है। रोशनी से नहाए आधुनिक शहरों में रातें नहीं होती। इससे मनुष्य तो मनुष्य, पशु पक्षियों तक की नींद प्रभावित हुई हैं। प्रकाश, शोर, व्यसन आदि सब ने एक साथ मिलकर प्यारी निंदिया रानी को तबाह कर दिया है। पशु पक्षी देर रात तक जागते रहते हैं और व्यक्ति को बिस्तर काटता है जिससे नींद नहीं, करवट नसीब होती है। अब दुनियां भर में चैन की नींद के लिए नानाविध उपाय किए जाने लगे हैं। फिर भी नींद उडऩ छू है।

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