दिखावे के दांत

दिखावे के दांत

दांतों का उपयोग भोजन चबाने में होता है। बोलते समय भी दांतों से स्वर नियंत्रित रहता है लेकिन कुछ प्राणियों में ऐसे दांत भी होते हैं जिनका प्रयोग भोजन चबाने या स्वर को नियंत्रित करने में नहीं होता।
ऐसे दांत दिखावे के लिये होते हैं। हां, आत्मरक्षा में वैसे दांतों का उपयोग जरूरी होता है।
दिखावे के दांत स्पष्टत: हाथियों में पाये जाते हैं। मुंह के अंदर भोजन चबाने के लिये आवश्यक दांतों के अतिरिक्त भी सूंड के अगल-बगल हाथियों के दो दांत निकले होते हैं।
दांत काफी लंबे, मजबूत और भारी हुआ करते हैं। कभी-कभी इन दांतों की लंबाई दो मीटर से भी अधिक हो जाती है। इनका वजन करीब 50 किलोग्राम हो जाता है।
हाथी के ही नहीं, हथिनी के भी दिखावे के दांत हो सकते हैं मगर हथिनी के दिखावे के दांत बहुत छोटे होते हैं, इतने छोटे कि दूर से दिखाई भी नहीं देते। विकसित दिखावे के दांत सिर्फ नर हाथियों में ही पाये जाते हैं। बाहरी दांतों वाले हाथियों को टस्कर कहा जाता हैं। हाथी इन दांतों का उपयोग कर अपना प्रभुत्व जमाये रखते हैं।
इन दांतों का एक उद्देश्य मादा हथिनियों को आकर्षित करना भी होता है। वनों में 3-4 प्रतिशत हाथियों में ही दिखावे के बाहरी दांत पाये जाते हैं। 2012 की गणना के अनुसार देश में हाथियों की संख्या 29391 से 30711 के बीच थी जबकि 2007 में यह संख्या 27657 से 27682 तक थी। 2017 की गणना का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
एक होनहार महिला पहली बार स्कुटी चलाकर..

सूअर को वाराह भी कहा जाता है। कहा जाता हैं, वाराह अवतार लेकर भगवान ने पृथ्वी को अपने बाहरी दांतों पर लेकर उसे जलमग्न होने से बचाया था। सूअर के भी बाहरी दांत होते हैं मगर इसमें भी वही हाथियों वाली बात है।
नर हाथी की तरह नर सूअर के ही विकसित बाहरी दांत होते हैं। सूअर अपने इन दांतों से मिट्टी कुरेदता फिरता है, क्योंकि अपने दांतों और थूथन से जमीन के अंदर दबी जड़ें और कीटों को निकालना इसकी आदत है। सूअर के दांत भी कुछ बड़े होने पर उगते हैं और धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं। मादा सूअर के बाहरी दांत होते हैं मगर अविकसित आकार केे।
प्रेम को न बनाएं मजाक

हिरणों में कस्तूरी मृग को विशेष स्थान प्राप्त है। यह बर्फीले इलाके में अधिक रहता है। इसके जबड़े में भी बाहरी दांत की तरह की दो संरचना निकली होती हैं। चीन में एक जलमृग पाया जाता है, जिसके बाहरी दांत होते हैं।
समुद्र में अनेक प्रकार के ह्वेल पाये जाते हैं। एक प्रकार के समुद्री ह्वेल के भी बाहरी दांत होते हैं लेकिन उसका केवल एक ही बाहरी दांत होता है जो उसके मुंह के ऊपर सीधा उगा होता है।
उसके दांत की लंबाई तीन मीटर तक पहुंच जाती है। इस तरह के दिखावे के दांत केवल स्तनपायी जानवरों में ही पाये जाते हैं। इसका स्पष्ट कारण है कि दांत केवल स्तनपायियों के ही होते हैं।
ऐसे बाहरी दांतों का मूल उद्देश्य आत्मरक्षा करना होता है। वैसे इससे जानवरों का आकर्षण भी बढ़ जाता है।
– अंकुश्री

Share it
Top