दांपत्य में बहुत जरूरी है औपचारिकता..दिन में कम से कम एक बार पत्नी को ‘आई लव यू’ कहें..!

दांपत्य में बहुत जरूरी है औपचारिकता..दिन में कम से कम एक बार पत्नी को ‘आई लव यू’ कहें..!

 आपकी पत्नी ने बहुत परिश्रम कर आपके लिये एक नयी डिश तैयार की, आपने उसे पसंद भी किया और जी भर खाया भी। इधर आप खाने की मेज से उठे, उधर पत्नी का मुंह फूल गया। कारण तो साफ है पर आपको नजर नहीं आता। आपने उस नयी डिश की तारीफ में दो शब्द जो नहीं कहे।
आपके बेटे का परीक्षा परिणाम आया और उसने पूरी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वह रिपोर्ट कार्ड लेकर आपके पास आया तो आपने चुपचाप उस पर हस्ताक्षर कर दिये, उसे शाबाशी के दो बोल भी नहीं बोले तो उसकी आशाओं पर तो पानी फिर गया न। फिर चाहे आप सारी दुनिया में उसकी प्रशंसा करते फिरें पर उस मौके पर कहे जाने वाले शब्दों की बात ही कुछ और होती है।
आप इसे औपचारिकता कह सकते हैं पर यह औपचारिकता भी बहुत जरूरी है। इसके बिना लोग कैसे समझ सकेंगे आपकी भावनाओं को।
अलग-अलग समय पर अलग लोगों के साथ औपचारिकताएं भी बहुत जरूरी हो जाती हैं। उनकी और आपकी दोनों की खुशी के लिये आपकी मदद के लिये पेश हैं ऐसी ही कुछ औपचारिकताओं की सूची जो जरूरी है आपके सुखी दांपत्य जीवन के लिये –
क्यों होती है एलर्जी..एलर्जी की बीमारी में परहेज इलाज से बेहतर है..!
– दिन में कम से कम एक बार पत्नी को ‘आई लव यू’ कहें। यह वैवाहिक जीवन के लिये सबसे महत्त्वपूर्ण है।
– पत्नी के जन्मदिन व विवाह की वर्षगांठ पर उसे उपहार देना न भूलें।
– प्रतिदिन कुछ समय पत्नी के साथ गुजारने को अपने जीवन का हिस्सा ही बना लें।
– उसकी बनाई हर डिश पर अपनी राय व्यक्त करें। ध्यान रहे वह सकारात्मक हो। विशेष अवसरों पर बनाए गये व्यंजनों के लिये तो यह और भी जरूरी है।
– पत्नी द्वारा लायी गयी हर नयी ड्रेस  की जी खोल कर प्रशंसा करें और यदा कदा पुरानी ड्रेसों की भी प्रशंसा करें।
एक बढिय़ा आउटिंग है शॉपिंग..एक अच्छा मूड लिफ्टर भी है ..!

– सप्ताह में एक बार अवश्य यह जताएं कि अगर वो न होती तो आपका जीवन कैसा दुश्वार हो जाता। उसी के भरोसे तो आपके जीवन की गाड़ी ठीक रास्ते पर चल रही है।
– सप्ताह में कम से कम एक बार समय निकालकर उसे घुमाने ले जाएं।
– यदि आपको बाहर खाना पसंद नहीं है तो भी एक अंतराल के बाद उसे बाहर खिलाने अवश्य ले जाएं। यह अंतराल आप अपने बजट के हिसाब से तय कर सकते हैं।
– जब कभी संभव हो, पत्नी के लिये नए आभूषण खरीदें और बीच-बीच में गहने खरीदने की बात तो करते ही रहें।
– विजय बजाज

Share it
Share it
Share it
Top