ताकि घर परिवार वाले और बाहर वाले भी आपकी प्रशंसा करते न थकें..!

ताकि घर परिवार वाले और बाहर वाले भी आपकी प्रशंसा करते न थकें..!

  भोजन बनाना और उसे परोसना भी एक कला है। केवल मेहमानों के आने पर ही भोजन अच्छा बना कर सलीके से परोसना तो काफी लोगों को आता है पर असली कला तो तब है जब रोजमर्रा में भी आप इतनी चुस्ती और फुर्ती से पौष्टिक, स्वादिष्ट भोजन बनाकर खुशी से खिलाएं।
ध्यान दीजिए कुछ विशेष बातों पर ताकि घर परिवार वाले और बाहर वाले आपकी भी प्रशंसा करते न थकें।
– एक रात पहले ही यह विचार कर लें कि कल क्या बनना है और दिन भर या आने वाले मेहमानों को क्या खिलाना है। इसकी हल्की फुल्की तैयारी पहले से ही कर लें।
– आप कामकाजी महिला हैं या बड़े परिवार में रहती हैं तो ऐसे में रात में टी. वी. देखते समय सुबह के लिए सब्जी काट लें। प्याज, लहसुन, अदरक भी काटकर रख सकती हैं।
– जब कभी भी आप फुर्सत में हैं, तब दाल चावल बीन कर डिब्बों में भर कर रख सकती है।
– भोजन बनाते समय ध्यान दें कि भोजन घर के सदस्यों की पसंद का बनाएं। यदि मेहमानों की पसंद पता हो तो उनके अनुसार भोजन बनाएं।
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– प्रतिदिन के भोजन में दाल, हरी सब्जी, सलाद और दही को यथोचित स्थान दें।
– जब भी भोजन बनाने जाएं तो उसे मुसीबत मानकर न बनाएं बल्कि यह सोचकर बनाएं कि आपको भोजन बनाने में मज़ा आ रहा है। खुशीपूर्वक बना भोजन अधिक अच्छा बनता है। मन को प्रसन्न रखें।
– भोजन में विभिन्नता रखें। नई चीजों को बनाने में रूचि रखें और अभ्यास भी करती रहें। यदि नई चीज किसी से सीखनी पड़े तो शर्माएं नहीं। उनसे सीखें और घर पर प्रयास करें जिससे परिवार वाले एक ही प्रकार के भोजन से बोर न हो जाएं।
– सप्ताह में एक या दो बार सब्जियों का सूप बनाएं। सप्ताह में दो बार अंकुरित दालें बनाएं।
– भोजन की पौष्टिकता पर पूरा ध्यान दें। डिब्बाबंद भोजन का सेवन न करें। अधिक तला हुआ भोजन न बनाएं, न ही अधिक तल भून कर बनाएं।
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– भोजन परोसते समय स्वभाव चिड़चिड़ा न रखें। प्रसन्नचित होकर भोजन परोसें। भोजन परोसते समय उचित बर्तन प्रयोग मे ंलाएं। पापड़, अचार, सलाद आदि भी रखें ताकि भोजन में आकर्षण बढ़ाया जा सके।
– भोजन परोसने के स्थान को साफ रखें। यदि कुर्सी मेज़ पर भोजन लगा रहे हैं तो मेजपोश और नेपकिन की सफाई पर भी ध्यान दें।
– मेज पर नमक और मसाले की डिब्बी अवश्य रखें जिसे अधिक नमक, मसाला चाहिए वो अपनी इच्छानुसार डाल सके।
– मेहमान या घर के सदस्यों की किसी चीज़ की मांग होने पर खुशी से पेश करें। यदि कुछ खत्म हो गया हो तो हंस कर बताएं।
– घर के अन्य सदस्यों की मदद और राय ले लें ताकि आप अधिक थक न जायें।
– नीतू गुप्ता

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