डायबिटीज, जामुन और मेथी

डायबिटीज, जामुन और मेथी

जामुन और मेथी को ही लीजिए। दोनों में ब्लड शुगर घटाने की चर्चा खासी पुरानी है। हमारा आधुनिक विज्ञान जैसे-जैसे जीवन की सच्चाइयों को बेपर्दा करने का प्रयास कर रहा है, वैसे-वैसे यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पुराने समय से चली आ रही कुछ नेक सलाहें दमदार हैं चाहे उनके पीछे सच्चाई हमें अब तक ज्ञात न थी।
अब बायोकैमिस्टों ने भी वैज्ञानिक रूप से इस तथ्य की पुष्टि कर दी है। उन्होंने शोध करके जामुन में से अल्फा ग्लूकोसाइडस इन्हींबिटर नामक एक सक्रि य तत्व खोज निकाला है। उसे भोजन के साथ या तुरंत बाद लेने से भोजन करने के बाद ब्लड शुगर में आने वाली वृद्धि पर थोड़ा अंकुश लग जाता है। जब यही काम जामुन खाकर पूरा किया जाए तो और भी अच्छा रहेगा।
डायबिटीज रोधी गुण होने के कारण इधर मेथी पर काफी अनुसंधान हुआ हैं। इसके बीजों मे ट्राइगोनेललीन नामक गुणकारी एलकेलॉयड पाया गया है जो रक्त ग्लूकोज को कम करने में सहायक है लेकिन यह बात ध्यान रहे कि यह एलकेलॉइड मेथी की पत्तियों में नहीं पाया जाता।
25 ग्राम मेथी के बीज सुबह शाम भोजन के साथ लेने से ब्लडशुगर पर कुछ हितकारी प्रभाव हो सकता है। वनस्पतियों का लाभ लेने के चक्कर में दवा बिल्कुल बंद न करें, इस बात का सदा ध्यान जरूर रखें। लाभ हो तो अपने डाक्टर की सलाह से उसे कम कर सकते हैं।
डायबिटीज से बचे रहने के सरल उपाय:-
– कुल कैलोरी का 16 प्रतिशत से कम हिस्सा संतृप्त वसा का हो यानी जंक फूड और फास्ट फूड को तिलांजलि दे दें।
– घी और मक्खन का सीमित मात्रा में प्रयोग करें।
– वसा सीमित मात्रा में ही लें।
– अधिक मात्रा में प्राकृतिक रेशेदार चीजें जैसे फल, सब्जी और साबुत अनाज का सेवन करें।
– व्यायाम नियमित रूप से करें।
– खाने पकाने के लिए असंतृप्त वसा वाले तेल जैस सूरजमुखी, करडी, मकई, सरसों और मूंगफली के तेल मिलाकर इस्तेमाल करें।
– कैलोरी जरूरत के मुताबिक ही लें।
– हफ्ते में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें। चुस्त गति से की गई सैर, तैराकी, साइकिलिंग और बैडमिंटन या टेनिस जैसा कोई खेल इसकी पूर्ति कर सकता हैं।
– भोजन संतुलित लें और वजन का ध्यान रखें।
– वजन यदि सामान्य से अधिक है तो वजन में पांच प्रतिशत की भी कमी डायबिटीज के जोखिम घटाने में सहायक है, अत: चुस्त-दुरूस्त जीवन-शैली अपनाएं
और वजन को संतुलित रखने पर ध्यान
दें।
– इन सरल उपायों पर अमल करने से डायबिटीज होने का खतरा 50-60 प्रतिशत कम हो जाता है। सामुदायिक अध्ययनों से यह साबित हो गया है कि जीवन में शुरू से ही स्वस्थ जीवन शैली अपनाए रखने से डायबिटीज से बचा जा सकता है। इसके लिए मात्रा अपने खानपान, व्यायाम और वजन के प्रति सावधान रहने की जरूरत है।
– अर्पिता तालुकदार

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