डायबिटीज की कड़वाहट से बढ़ता है स्ट्रेस

डायबिटीज की कड़वाहट से बढ़ता है स्ट्रेस

 भागती-दौड़ती जिंदगी में लाइफस्टाइल डिजिज का खतरा बढ़ता जा रहा है। हर उम्र और वर्ग के लोग इसके शिकार बन रहे हैं। डायबिटीज भी इन्हीं मुसीबतों में से एक है, जिसके पीड़ितों की संख्या में हर दिन इजाफा हो रहा है। इस मुश्किल को बढ़ाने वाला एक प्रमुख कारण है स्ट्रेस।डायबिटीज केवल एक बीमारी नहीं है। यह कई सारी मुसीबतों को आमंत्रण देने वाली एक स्थिति है। इसके कारण शरीर के विभिन्न अंगों की कार्यप्रणाली पर बुरा असर पड़ने के साथ ही अंगों के क्षतिग्रस्त होने तक की आशंका हो सकती है।यही कारण है कि दुनिया भर में इसे लेकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है। दफ्तर, घर और यहां तक कि स्कूल और कॉलेज में तेज रफ्तार जीवन के कारण लोगों में तनाव जैसी स्थितियां आम तौर पर पनपने लगी हैं। मानसिक स्तर होने वाले यही बदलाव डायबिटीज के भी पैदा होने और फिर इसकी वजह से शरीर द्वारा गंभीर परिणाम झेलने की वजह बनते हैं। लंबे समय तक साथ रहने वाला स्ट्रेस शरीर की रक्त शर्करा के प्रबंधन की क्षमता को बाधित करता है। यदि ज्यादा समय तक यही स्थिति बनी रहे, तो समस्या बढ़ती चली जाती है।
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मानसिक, भावनात्मक तथा शारीरिक स्तर पर पड़ने वाला तनाव ही स्ट्रेस की स्थिति होती है। इसके कारण आप सिरदर्द, कंपकंपाहट, गुस्सा आना या व्यवहार में परिवर्तन, मूड स्विंग्स, पैनिक अटैक, तेज पसीना आना या भिंचे हुए जबड़े आदि जैसी अनुभूतियां कर सकते हैं। लंबे समय तक इसके बने रहने से शरीर इस तरह महसूस करता है मानो वह लगातार एक प्रकार के हमले से लड़ रहा हो। जब ऐसा होता है, तब शरीर में हार्मोन्स का स्तर बढ़ने लगता है और यह असंतुलन रक्त में शकर के संतुलन को गड़बड़ा सकता है।
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स्ट्रेस की यह स्थिति उन लोगों को तो दिक्कत देती ही है, जो पहले से डायबिटिक होते हैं। इसके अलावा वे लोग जिनमें अब तक शुगर के स्तर के बढ़ने जैसी स्थिति नहीं बनी है, वे भी इसकी जद में आ जाते हैं और डायबिटिक हो सकते हैं। वहीं स्ट्रेस के साथ अल्कोहल का सेवन, एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी की कमी, अनियमित खानपान तथा नींद में कमी मिलकर भी व्यक्ति को डायबिटीज की ओर धकेल सकती हैं। स्ट्रेस की यह स्थिति तकलीफदायी न बने, इसके लिए प्रयास करें। डायबिटीज का सबसे अच्छा इलाज उसका सही प्रबंधन ही है। इसलिए कुछ खास बातों को हमेशा के लिए अपने जीवन का हिस्सा बना लें। इनमें शामिल हैं:– ध्यान (मेडिटेशन) को अपनाएं– सकारात्मक चीजों से जुड़ें– बार-बार दुख देने वाले कारणों को याद न करें– खुद को व्यस्त रखें– गहरी सांस लेने व छोड़ने का अभ्यास नियमित करें– नियमित व्यायाम को अपनाएं– संगीत या अन्य क्रिएटिव चीजों के जरिए जीवन को सरल और प्रवाहमय बनाएं।आप डायबिटिक हों, तब भी या न हों तब भी, इन चीजों को व्यवहार में जरूर लाएं। ये स्वस्थ बने रहने में आपके लिए बहुत मददगार साबित होंगी।

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