जरा सा बाहर निकलने पर सताने लगती है चिंता….ठंड से डरना कैसा…?

जरा सा बाहर निकलने पर सताने लगती है चिंता….ठंड से डरना कैसा…?

 ठंड का मौसम आते ही सभी को चिंता सताने लगती है जरा सा बाहर निकलने पर ठंडी हवा से खांसी जुकाम आकर घेर लेता है जो बीमार बना लेता है। शरीर ढीला ढीला, नाक बह रही है और खांसी जब शुरू होती है जान ही ले लेती है। ठंडे मौसम में सर्दी जुकाम होने का मुख्य कारण होता है हमारे शरीर की नाक व गले की रक्त वाहिनियां संकरी हो जाती हैं, इस कारण इंफेक्शन से लडऩे वाली सफेद रक्त कोशिकाओं का प्रवाह कम हो जाता है। इसकी कमी के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है और शरीर आसानी से संक्रमित हो जाता है। गर्म कपड़ों के पहनने के साथ-साथ अपना इम्यून सिस्टम भी मजबूत बनाएं ताकि जल्दी वायरस की चपेट में ना आ सकें।
करें विटामिन ए और सी का सेवन:-
पीले और लाल रंग की सब्जियां और फल विटामिन ए से भरपूर होते हैं। विटामिन ए की कमी से शरीर में बीमारियों से लडऩे की ताकत कम होती है। इसलिए विटामिन ए से भरपूर खुराक अवश्य लें जैसे गाजर,पपीता, चुकंदर,टमाटर, सीताफल का सेवन नियमित करें। इसके
नारी सौंदर्य की पहचान हैं स्तन….जानिये कैसे करे देखभाल …!
अतिरिक्त विटामिन सी से भरे रसदार फलों का सेवन भी करें जैसे आंवला, नींबू, संतरा, मौसमी, किन्नू, अंगूर आदि का सेवन करें ताकि हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रह सके।शरीर के लिए प्रोटीन और बी कांप्लेक्स भी जरूरी हैं:-
भागदौड़ में हम अपनी डाइट को सबसे अधिक इग्नोर करते हैं जिसका परिणाम हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रोटीन और बी कांप्लेक्स शरीर को जीवन शक्ति प्रदान करता है और इसकी कमी से शरीर अनेक रोगों का गढ़ बन जाता है। इसके लिए चोकरयुक्त आटे की चपाती, अंडे की पीली जर्दी, हरी पत्तेदार साग, सूखे मेवे आदि का नियमित सेवन विटामिन बी की कमी को दूर करते हैं। घर पर बना संतुलित आहार ही इसका सही रास्ता है। तले हुए खाद्य पदार्थ का सेवन कम से कम करें।
‘सफेद दाग’ छुपायें नहीं..सफेद दाग नहीं होता कोढ़
पानी खूब पियें:-
सर्दियों में पानी की प्यास कम हो जाती है पर सर्दियों में भी पानी खूब पीना चाहिए। सब्जियों का सूप भी पी सकते हैं। पानी शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालता है।
मन में ना पालें भ्रांतियां:-
सर्दियों में लोग दही, जूस, रसेदार फल का सेवन नहीं करते। उन्हें वहम होता है कि सर्दियों में इन चीजों के सेवन से खांसी, जुकाम होता है। दही में लेक्टो बैसेलम नाम का वैक्टीरिया होता है जो हमारी पाचन शक्ति को दुरूस्त बनाता है। दही में मौजूद एंटी आक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है। सर्दियों में ना तो ठंडा खाएं ना अधिक गर्म सामान्य तापमान से थोड़ा सा गर्म खाएं। ध्यान रख कर खाने से बीमार होने की आशंका कम होती है।
प्रयोग में लाएं लहसुन:-

लहसुन में बैक्टीरियल, वायरल और फंगल इंफेक्शन से लडऩे की क्षमता होती है। सर्दियों में अपनी खुराक में लहसुन को जरूर शामिल करें। एक शोध के अनुसार लहसुन का सेवन करने से वायरल इंफेक्शन होने की आशंका में दो तिहाई तक कमी आ जाती है।
हॉट एंड ग्लैमरस दिखने के लिए पहनें हाई हील्स
हल्दी का भी करें प्रयोग:-हल्दी को कई बीमारियों की अचूक दवा माना जाता है। हल्दी का प्रयोग सबसे अधिक किचन, ब्यूटी प्राडक्टस में होता है। कच्ची हल्दी सर्दियों में बाजार में आसानी से उपलब्ध होती है। इसका प्रयोग आप सब्जी में, दूध में खांसी जुकाम होने पर उबालकर, कर सकते हैं। बार-बार उठने वाली खांसी में हल्दी की छोटी गांठ को मुंह में रखकर चूसने से लाभ मिलता है। ब्लड साफ करती है और माहवारी से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करती है। सबसे अधिक शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है।
नियमित व्यायाम करें:-
व्यायाम हमेशा शरीर को चुस्त दुरूस्त रखने में सहायक होता है। नियमित व्यायाम करने के लिए समय निकालें, गर्म कपड़े पहनें और खुराक का पूरा ध्यान रखें तो सर्दियां आपको डराएंगी नहीं। इसके अतिरिक्त ठंड में वसायुक्त भोजन न खाएं। भोजन गर्म खाएं। गर्म खाना खाने से शरीर गर्म रहता है और उसमें ऊर्जा का संचार होता हे। भाप में पकी सब्जियां खाने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
-नीतू गुप्ता
 

Share it
Top