ज्यादा तेज कसरत नुकसानदेह..इसे लयबद्ध धीमी गति में करना चाहिए.!

ज्यादा तेज कसरत नुकसानदेह..इसे लयबद्ध धीमी गति में करना चाहिए.!

 आजकल के युवक युवतियां जो अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हैं, वे कसरत या व्यायाम करते हैं। ऐसे हेल्थ कांशस लोगों को यह ध्यान रखना चाहिए कि तेज कसरत और व्यायाम लाभ पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचा सकते हैं। कसरत या व्यायाम को आज की आपाधापी में तेजी के साथ या हड़बड़ी में न करें। इसे लयबद्ध धीमी गति में करना चाहिए। फिर मध्यम गति तक लाना चाहिए। कसरत व्यायाम के बाद कुछ देर विश्राम करना चाहिए। कोई उपयुक्त पेय अथवा पानी घूंट-घूट पीना चाहिए। तेज गति के कसरत व्यायाम से शरीर में टूटफूट तेजी से होती है, साथ ही ऐसा करने पर हृदयगति, बीपी एवं ऊर्जाक्षति में तेजी आती है जो खतरनाक होती है, अतएव लयबद्ध, धीमी व मध्यम गति से व्यायाम का लाभ पाएं। किसी भी प्रकार के तेज कसरत से माइग्रेन या आधासीसी का दर्द हो सकता है। पैदल चलना व साइकिल चलाना भी कसरत की श्रेणी में हैं।
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इन सबको धीमी गति से करना आरंभ करें और मध्यम तेज गति तक लाएं। फिर गति धीमा करते जाएं। ऐसा करने पर इसे समस्त शरीरांग सहन कर लेंगे। मांसपेशियां मजबूत होंगी। बी.पी.शुगर, कोलेस्ट्रॉल काबू में आएगा। शरीर को लाभ मिलेगा। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।
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तेज गति की कसरत से नसों व मांसपेशियों में तेजी के साथ खिंचाव होता है और उसकी कोशिकाएं तेजी के साथ मरती हैं जबकि धीमी, मध्यमगति से ऐसा करने पर यह नियंत्रित रहती हैं। कसरत के पूर्व व पश्चात कोई उपयुक्त पेय या पानी पिएं जो शरीर में इस दौरान होने वाले इसके खर्च को काबू में रखे। शरीर में पानी की कमी भी क्षति पहुंचाती है।
-सीतेश कुमार द्विवेदी

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