जीवना में प्रधान के भतीजे ने की आत्महत्या...दिमागी संतुलन बिगडने के कारण 17 वर्षीय युवक ने सिर में मारी गोली

जीवना में प्रधान के भतीजे ने की आत्महत्या...दिमागी संतुलन बिगडने के कारण 17 वर्षीय युवक ने सिर में मारी गोली

मंसूरपुर। क्षेत्र के गांव जीवना में मौजूदा प्रधान के भतीजे 17 वर्षीय युवक ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव की जांच पड़ताल के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी, मगर ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम कराने से साफ इंकार कर दिया। थाना प्रभारी केपीएस चहल ने कहा कि आला अधिकारियों के आदेश पर ही शव का पोस्टमार्टम किया जाना जरूरी है। बाद में केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्राी संजीव बालियान के भाई विवेक बालियान के कहने पर थाना पुलिस ने आला अधिकारियों से बात कर शव का पंचनामा भरकर बिना पोस्टमार्टम के शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों व ग्रामीणों के द्वारा शव का दाह संस्कार कर दिया गया।

गांव जीवना निवासी सौरभ पुत्र शौकीन ने शुक्रवार की सुबह करीब 6 बजे अज्ञात कारणों से अपने सर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस बात की जानकारी तुरंत परिजनों ने थाना पुलिस को दी। थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन की। प्रधान के भतीजे की मौत की खबर जैसे ही क्षेत्र के आसपास के गांव में पहुंची, तो कई गांव के ग्राम प्रधान भी मौके पर पहुंचे। ज्ञात रहे कि मृतक सौरव के माता-पिता ने भी 29 जुलाई 2015 में गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। पहले सौरभ की माता ने आपसी कलह के कारण अपने चेहरे पर गोली मार ली थी। सौरभ के पिता शौकीन घर के बाहर ही बैठे थे। जब परिजनों ने गोली की आवाज सुनी, तो अंदर जाकर देखा की शौकीन की पत्नी खून से लथपथ पड़ी है। वह उसे अस्पताल ले जाने लगे, तो शौकीन ने कहा कि वह जरा अंदर से पैसे उठाकर ले आऊं।

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शौकीन जैसे ही अंदर गया, तो उसने भी तमंचा उठाकर अपने आप पर गोली चला दी थी, जिससे पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई थी। शौकीन के दो पुत्रा गौरव व सौरभ थे। सौरभ ने भी शुक्रवार की सुबह अपने सर में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि सौरभ के मां-बाप की मौत के बाद से ही सौरभ का दिमागी संतुलन ठीक नहीं रहता था। पिछले साल भी उसने पफांसी लगाकर आत्महत्या की कोशिश की थी, मगर परिजनों ने उसे बचा लिया था। यह भी बताया गया कि सौरभ का दिल्ली में किसी डॉक्टर के यहां से दिमाग का इलाज चल रहा था। सौरभ ने इस बार कक्षा 10 की परीक्षा पास की थी। गौरव व सौरभ की देखभाल की जिम्मेदारी सौरभ के चाचा मौजूदा ग्राम प्रधान सोहनवीर पर थी। थाना पुलिस जब शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए ले जाने लगी, तो ग्रामीणों ने सापफ इंकार कर दिया। पुलिस ने बहुत समझाया, मगर ग्रामीण इस बात पर सहमत नहीं हो सके। बाद में विवेक बालियान ने आलाधिकारियों से बात की तब जाकर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शव ग्रामीणों को सौंप दिया, जिसका बाद में दाह संस्कार कर दिया गया। मृतक के चाचा सोहनवीर की ओर से तहरीर थाना पुलिस ने ले ली है, जिसमें लिखा गया है कि सौरभ ने दिमागी संतुलन ठीक नहीं होने के कारण आत्महत्या की है। युवक की मौत से पूरे घर में कोहराम मचा हुआ है।

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