जीएसटी से ऑटो एन्सीलरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा

जीएसटी से ऑटो एन्सीलरी उद्योग को बढ़ावा मिलेगा

जयपुर। देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर ऑटो एन्सीलरी उद्योग विकास में 10 प्रतिशात तक बढोतरी होगी। देश के ऑटो एन्सीलरी उद्योग पर जीएसटी का प्रभाव विषय पर आज यहां हुई चर्चा में केडीके सॉफ्टवेयर प्राईवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मोहित भम्बानी ने कहा कि वर्तमान में देश का ऑटो एन्सीलरी उद्योग का कारोबार 39 बिलियन अमेरिकी डॉलर का है और वित्तीय वर्ष 2017-18 में जीएसटी लागू होने के बाद इसमें 8 से 10 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारतीय ऑटो आपूर्तिकर्ताओं के वैश्वीकरण एवं घरेलू बाजार की अनुकूल परिस्थितियों के चलते ऑटो एन्सीलरी उद्योग पहले से ही अनुकूल स्थिति में बना हुआ है और जीएसटी लागू होने से कर दर 28 से 30 प्रतिशत से कम होकर 18 फीसदी पर आ जाएंगी और इसका फायदा ओईएम को मिलेगा जिससे ऑटो उद्योग में मांग बढ़ेगी। इसके अलावा ऑटो एन्सीलरी डोमेन में कीमत प्रतिस्पर्धा में भी सुधार होगा। श्री भम्बानी ने कहा कि कई ऑटो एन्सीलरी एवं ऑटो कम्पोनेंट निर्माता आमतौर पर अपनी युनिट्स ओईएम सुविधा के आस-पास ही लगाते हैं, ताकि वैट क्रैडिट चेन से बच सकें लेकिन जीएसटी नियमों के अनुसार अब इसकी जरूरत नहीं होगी क्योंकि इनपुट क्रेडिट क्लेम उन्हें आईजीएसटी या एसजीएसटी के माध्यम से उपलब्ध होगा। इससे ऑटो एन्सीलरी उद्योग में पूंजी निवेश कम होगा तथा कार्यशील पूंजी का प्रवाह बढ़ेगा। ऑटो कम्पोनेंट निर्माताओं के लिए मौजूदा वैट सम्बन्धी विवाद जीएसटी लागू होने के बाद समाप्त हो जाएगा और अन्तरर्राज्यीय खरीद लागत में भी कमी आएगी।

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