जानें दिल की बीमारियों जैसी गंभीर स्थिति से कैसे करें बचाव

जानें दिल की बीमारियों जैसी गंभीर स्थिति से कैसे करें बचाव

 यह सबसे अहम बात है कि शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित रूप से ध्यान देना कारगर सिद्ध होता है। जिस तरह आप रोज भोजन करते हैं उसी तरह स्वास्थ्य के लिए भी अलग से प्रयास करना आवश्यक है। खासकर तब जब आप पहली चेतावनी पा चुके हों। इसी संदर्भ में जानिए दिल की बीमारियों के साथ भी हार्ट अटैक की स्थिति से बचाव के कुछ टिप्स।
जानकारी और सजगता
कॉग्नेटिव हार्ट फेल्यिर या किसी हार्ट डिसीज से गुजरने के बाद सजगता का बढ़ जाना लाजमी है। यह इसलिए भी आवश्यक है कि दोबारा मिली जिंदगी को अच्छे से जिया जा सके। यदि एक बार कोई व्यक्ति हृदय संबंधी किसी तकलीफ से उबर कर आया है तो जरूरी है कि वह अपनी सेहत को लेकर विशेष सतर्क रहे ताकि फिर से मुश्किल में पड़ने से बच सके।
इन बातों का रखें ख्याल
एक बार बीमारी के उस भयावह दौर से बाहर आ जाने के बाद भी रोगी को कुछ बातों का ध्यान रखना विशेषतौर पर आवश्यक है ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं की आशंका को कम से कम किया जा सके। इसके लिए इन बातों पर ध्यान देना जरूरी है--लक्षणों पर हर समय शांति से नजर रखें। इस बात को लेकर घबराएं नहीं लेकिन कोशिश करें कि पूरे समय आप शरीर में हो रहे बदलावों और लक्षणों को किसी एक जगह नोट कर सकें। जैसे सांस लेने में कठिनाई, हाथ-पैरों में सूजन, बार-बार कफ का होना आदि। इसके लिए कोई डायरी बना लें।
औषधि का कार्य भी करता है आम
-व्यायाम को नियमित रखें, बकायदा डॉक्टर की सलाह से। हृदय रोगों के बावजूद व्यायाम करने से शरीर भविष्य में होने वाली मुश्किलों से बचा रहता है। रोज की एक्सरसाइज आपके कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर के स्तर के साथ ही वजन को भी संतुलित बनाए रखती है। पैदल चलने से लेकर स्वीमिंग, साइकल चलाना आदि जैसी एक्सरसाइज अपने डॉक्टर से पूछकर अपनाएं।-अपने ब्लड प्रेशर की जांच रोज करें। यदि इस स्तर में कुछ भी असामान्यता नजर आए तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं। जो भी दवाई डॉक्टर ने इसके लिए बताई है उसे बिना नागा नियमित रूप से लें।-अपनी डाइट में लिक्विड की मात्रा को लेकर सतर्क रहें। डॉक्टर से सलाह लें कि आपको रोज कितनी मात्रा में लिक्विड लेना चाहिए। इस लिक्विड का मतलब केवल पानी नहीं, सूप, जूस, आइसक्रीम, बर्फ, शरबत, कैंडी आदि भी है। हर सुबह अपना वजन तौलें और यदि अचानक ये बढ़ा हुआ लगता है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। वजन का इस तरह से बढ़ना शरीर में फ्लूइड इकट्ठे होने का भी लक्षण हो सकता है।
गर्मी का अमृत फल ‘खरबूजा’
-पोषक खान-पान को अपनाइए और खासकर अपनी डाइट में सोडियम की मात्रा को लेकर सावधानी रखें। खाने में केवल पकाते वक्त बहुत कम मात्रा में नमक डालें और ऊपर से तो नमक बिलकुल न डालें। इसकी बजाय फ्लेवर के लिए दूसरे तरीके अपनाएं।-ताजी सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करें।
-तनाव जैसी चीजों को अपनी जिंदगी से दूर रखें। ध्यान करें। मित्रों और परिवार के साथ अच्छा वक्त बिताएं और हंसी-मजाक वाली बातों का हिस्सा बनें।
-दवाइयां समय पर और नियमित लें।
-डॉक्टर से समय-समय पर चेकअप करवाते रहें।
-धूम्रपान और शराब को ना कहें।

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