जल्दबाजी में नहीं लिया गया नोटबंदी का फैसला..पहले से बनाई गई थी पूरी योजना : पटेल

जल्दबाजी में नहीं लिया गया नोटबंदी का फैसला..पहले से बनाई गई थी पूरी योजना  : पटेल

मुंबई । रिजर्व बैंक (आरबीआई) गवर्नर उर्जित पटेल ने आज कहा कि नोटबंदी का फैसला जल्दबाजी में नहीं किया गया था तथा वर्तमान में भले इससे लोगों को दिक्कत हो रही हो, लेकिन मध्यम तथा दीर्घ अवधि में इससे अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। पटेल ने यहाँ चालू वित्त वर्ष की पाँचवीं मौद्रिक नीति समीक्षा जारी करने के बाद संवाददाताओं के सवाल के जवाब में कहा कि एक हजार रुपये तथा पाँच सौ रुपये के पुराने नोटों को बंद करने से पहले पूरी योजना बनायी गयी थी। सरकार और आरबीआई को यह पता था कि इससे आम लोगों को तत्काल दिक्कत हो सकती है।
नोटबंदी पर आरबीआई ने अाधा फीसदी घटाया विकास अनुमान..7.6 से घटाकर 7.1 प्रतिशत किया
लेकिन, इसके फायदे को देखते हुये तात्कालिक परेशानी और लागत के बावजूद इसे लागू करने का फैसला किया गया। केंद्रीय बैंक ने अक्टूबर की समीक्षा में चालू वित्त वर्ष के लिए सकल मूल्य वर्द्धन (जीवीए) 7.6 प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया था जिसे आज जारी समीक्षा में 50 आधार अंक घटाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया गया है। पटेल ने कहा कि इसमें करीब 15 आधार अंक की कटौती नोटबंदी को ध्यान में रखकर की गयी है।
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आरबीआई के डिप्टी गवर्नर आर. गाँधी ने कहा कि नोटबंदी के मद्देनजर बाजार में पर्याप्त नकदी उपलब्ध कराने के लिए अब तक 19.5 अरब नये नोट बाजार में उपलब्ध कराये जा चुके हैं जो इससे पहले तीन साल के दौरान उपलब्ध कराये गये कुल नोटों से ज्यादा है। साथ ही पटेल ने बताया कि नोटबंदी के बाद से 11.5 लाख करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित नोट बैंकों में वापस जमा कराये जा चुके हैं। उल्लेखनीय है कि कुल 15 लाख करोड़ रुपये मूल्य के प्रतिबंधित नोट प्रचलन में होने का अनुमान था।  

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