जब हों पार्टी में..सलीके से आएं पेश ..!

जब हों पार्टी में..सलीके से आएं पेश ..!

पार्टी में जब तक हो-हल्ला न हो, मजा नहीं आता। जाहिर है पार्टी में धूम तो मचेगी ही लेकिन जरा सीमाओं में रह कर और कुछ पार्टी कोड्स को ध्यान में रख कर मजा लूटने की बात ही और है।
कैसी हो पार्टी ड्रेस:
० पार्टी चाहे बड़ी हो या छोटी, अपने घर में हो या किसी रिश्तेदार या दोस्त के घर में, वहां पर अच्छे से ड्रेसअप हो कर जाएं।
० पार्टी फॉरमल है या इनफॉरमल, इस बात को ध्यान में रख कर कपड़े पहनें। मौसम और पार्टी के मूड के हिसाब से ड्रेस के रंगों का चयन करें।
० आजकल ज्यादा भड़कीले कपड़ों का फैशन नहीं है। अगर आप स्कूल-कॉलेज में पढ़ती हैं, तो थोड़ी-बहुत तड़क-भड़क चल सकती है।
० ज्यादा गहरे गले के परिधान भी न पहनें। ये आपको सेक्सी नहीं दिखाते, बल्कि आपको इजिली अवेलेबल का लुक देते हैं। अगर डीप नेक पहनना ही है तो सलीके से पहनें।
बनें रूप की रानी :
० मेकअप जरूरत से ज्यादा न करें। कई बार भोंडा मेकअप भयानक लगता है। याद रखें आपको रूप की रानी बनना है।
० आई मेकअप पार्टी मूड के हिसाब से हो। जरूरी नहीं है कि मैजेंटा ड्रेस के साथ आई मेकअप भी मैजेंटा हो।
० आजकल लिपस्टिक के भी न्यूड शेड्स चलन में हैं।
० बॉडी ग्लिटर व ग्लॉस का इस्तेमाल जरूर करें।
सलीके से पेश आएं :
० पार्टी में जोर-जोर से चिल्ला कर बात न करें। इससे आपका गंवारपन झलकता है। मत भूलिए, बातचीत में सलीका अहम भूमिका निभाता है।
० कंधे पर हाथ मार कर या आंख नचा कर भी बात न करे।
० ज्यादा फ्रेंडली बनने के चक्कर में हर बात में यार कह कर भी बात न करे।
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० पार्टी में आप किस तरह से बैठती हैं, यह भी अहम भूमिका निभाता है। अपने बैठने के अंदाज पर ध्यान दें। ड्रेस चाहे इंडियन पहनी हो या वेस्टर्न, पैर चौड़े करके न बैठें।
० अगर आप पार्टी में किसी को नहीं जानतीं तो कोने में छुप कर मुंह चुराने के बजाय अपना परिचय दे कर बातचीत की पहल की जा सकती है।
डींगे न हांकें:

० हर बात में अपनी शान न दिखाएं। हो सकता है सामने वाला जब अपने बारे में बताए, तो आप पानी-पानी हो जाएं।
बच्चों पर रखें नजर :
० अगर आपके बच्चे शरारती हैं और आप उन्हें साथ ले जा रहे हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि वे वहां पर कोई शरारत न करें।
० बच्चों को घर पर किसी बड़े के पास छोड़ कर जाएं। बच्चे को साथ ले जा रहे हैं तो उन्हें पहले ही समझा दें कि उन्हें शैतानी नहीं करनी है।
० अक्सर पार्टियों में बच्चों के खेलने के लिए एक अलग एन्क्लोजर बनाया जाता है। अपने बच्चों को और बच्चों से मिलने-जुलने का मौका दें।
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जब खाना हो खाना:
० चाहे आपको कितनी भी भूख क्यों न लगी हो, प्लेट में खाने का पहाड़ न बनाएं। खाना उतना ही परोसें जितना एक बार में खाया जाए। दो-तीन बार थोड़ा-थोड़ा लें।
० खाना अच्छा बना हो या खराब, उसकी बुराई वहीं न शुरू कर दें। खाने पर टूट न पड़ें। आपकी बारी भी जरूर आएगी।
० बच्चों को खाना आप परोस कर दें, उन्हें अक्सर पता नहीं चलता कि कितना खाना परोसना है। बच्चा छोटा है तो पहले उसे खिलाएं ताकि बच्चा गंदगी न करे, फिर खुद खाएं।
० पार्टी में बार-बार कोल्ड ड्रिंक की तरफ न लपकें। एक-दो बार लेना काफी है।
० पार्टी में पूरे मन से शरीक हों। मुंह बना कर न रहें।
० जब पार्टी में आ ही गए हैं तो मूड भी बना लीजिए पार्टी का फिर समां तो पूरे जोरों पर है ही।
– खुंजरि देवांगन

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