जब मूड खराब हो

जब मूड खराब हो

अक्सर हम अपने आप को इतना व्यस्त पाते हैं कि हम अपने काम के अलावा कुछ सोच नहीं पाते। दोस्तों के साथ गपशप, परिवार वालों के साथ कोई जिक्र या फिर दूसरे काम में लगे ही रहते हैं लेकिन कभी-कभी बिल्कुल अकेले रहने का मन करता है। उदासी छा जाती है।
क्यों होता है ऐसा? जरूरी नहीं कि किसी परेशानी वश ही आपका मूड खराब हो। कोई तनाव भी नहीं है, फिर क्यों आपका मन दर्द भरे हिन्दी गाने सुनने का करता है? क्यों लगता है कि सब कुछ रूक गया है? शायद कुछ भूला याद आ गया है, या किसी की बात चुभ गई हो या परिवार में आज आप पर किसी ने ध्यान न दिया हो, इस बात ने आपका मूड खराब कर दिया हो।
कैसे अपने मूड को ठीक करें? कैसे इस अकेलेपन से निजात पायें? कैसे अपने आप को और अपने दिमाग को फालतू सोचने से रोकें?
– सिर्फ दर्द भरे गीत सुनने से आप अपने आप को संभाल नहीं सकते बल्कि अपने आपको दुखी करेंगे।
– मूड ठीक रखने के लिए स्वयं को इतना व्यस्त रखें कि आप कुछ और सोच न सकें। यह न हो कि आप काम तो कर रहे हैं मगर सोच कुछ और रहे हैं। बाद में पता चले कि आपका काम सोचते-सोचते बिगड़ गया।
ये जातीय संघर्ष ठीक नहीं
– अपने आपको किसी कमरे में बंद न करें बल्कि ताजा हवा में घूमें या ध्यान बांटने के लिए टी.वी. देखें।
– अपने शौक के अनुसार कोई रचनात्मक काम करें जिससे आपका मन उसमें लग सके।
– बच्चों को अपना मूड खराब होने का एहसास न होने दें बल्कि उनके साथ कोई गेम खेलें या उन्हें कहानियां पढ़कर सुनायें।
– चाहे तो कम बजट की शापिंग करने जायें। कुछ नया खरीदें।
कहने में संकोच न करें…ज़रूर कहें अपने दिल की बात…!
– दोस्तों से दूर-दूर रहने के बजाय उन्हें समझा दें कि आपका मूड ठीक नहीं है, इसलिए आज आप उनके साथ नहीं रहना चाहते।
– यदि कोई आपसे बात करना चाहे तो उसकी बात शांति से सुनें। फिर अपनी स्थिति से अवगत करायें।
– यदि आप कामकाजी हैं तो अपने काम पर अपने मूड का असर न आने दें।
– शिखा चौधरी

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