जनसंख्या नियंत्रण एवं विकास…भारत जनसंख्या के मामले में चीन से आगे निकल जायेगा !

जनसंख्या नियंत्रण एवं विकास…भारत जनसंख्या के मामले में चीन से आगे निकल जायेगा !

 आज यूरोप सहित सभी विकसित देशों में आबादी पर नियंत्रण पा लिया गया है परंतु भारत में स्थिति बहुत खराब है तथा चारित्रिक पतन के कारण इस ओर कुछ भी नहीं किया जा रहा है। एक अनुमान के अनुसार 2050 तक भारत जनसंख्या के मामले में चीन से आगे निकल जायेगा जबकि आकार एवं संसाधनों के मामले में चीन के सामने भारत कुछ भी नहीं है। 2050 में चीन की 1 अरब 39 करोड़ जनसंख्या के मुकाबले भारत की 1 अरब 53 करोड़ होगी। इसी बात को ध्यान में रखते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने टोटल फर्टिलिटी रेट टी आर एफ को 2.1 पर रखने का लक्ष्य रखा था ताकि 2045 तक इस बढ़ती जनसंख्या पर नियंत्रण रखा जा सके परंतु उनके बाद आई यू पी ए सरकार को सिर्फ अपने वोट बैंक की चिंता थी जिस कारण यह योजना कबाडख़ाने में फेंक दी गयी। कुछ राज्य जैसे तमिलनाडू, केरल, आंध्रप्रदेश, गोवा, कर्णाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, उत्तरांचल, हिमाचल प्रदेश, सिक्किम, चण्डीगढ़, पांडिचेरी, अंडमान आदि राज्यों में जनसंख्या पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, परंतु शेष राज्य कुछ भी नहीं कर रहे हैं। भारत में दुनियां की 2.4 प्रतिशत जमीन है परन्तु आबादी 17 प्रतिशत से ज्यादा रहती है। उस पर भी विकास सिर्फ फाइलों में होता है। ऐसे में आने वाले वर्ष भारत के लिए काफी दुश्वार होंगे।
सौंदर्य वृद्धि के लिए कोई जरूरी नहीं है महंगे संसाधन..सुंदरता के लिए हंसना है जरूरी..!

आज हमारे देश में भाषण देने वाले अनेक हैं परंतु कार्य करने वाला कोई भी नहीं है। एक बार फिर हमें आपात काल जैसे सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। इसके तहत बंगलादेशी घुसपैठिये, भिखारी, अपराधी आदि राष्ट्रविरोधी एवं समाज विरोधी लोगों की निश्चित समय सीमा में नसबंदी कर दी जाये। दूसरे चरण में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को तभी लाभ दिये जायें जब वे नसबंदी के लिये तैयार हो जायें। इसी तरह तीसरे चरण में आरक्षण, एवं अन्य सरकारी आर्थिक मदद दी जाये जब वे भी नसबंदी करवा लें।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है शांत नींद..!

इसके अलावा कम बच्चों वालों को नौकरी, एडमिशन, प्रमोशन आदि में प्रोत्साहन दिया जाये तथा अधिक संतान वाले अभिभावकों पर दण्ड एवं टैक्स का प्रावधान होना चाहिए। अगर इस तरह के सख्त प्रावधान हो जाते हैं तो भारत भी जनसंख्या नियंत्रण में चमत्कार दिखा सकता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो अफ्रीका की तरह भारत भी एक अराजक राष्ट्र में बदल जायेगा। यूपीए गठबंधन को आरक्षण एवं इस्लाम की विघटनकारी राजनीति के स्थान पर जनसंख्या नियंत्रण की सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए।
– डा. कल्पना शर्मा

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