जजों की नियुक्ति का फिसलन भरा रास्ता

जजों की नियुक्ति का फिसलन भरा रास्ता

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जजों की नियुक्ति मामले को लेकर केंद्र सरकार गंभीर नजर नहीं आ रही है। यही वजह है कि उसने अभी तक जजों की नियुक्ति प्रक्रिया के लिए बनाए गए ड्राफ्ट की कॉपी संसदीय समिति को नहीं दी है। गौरतलब है कि न्यायालयों में रिक्तियों की जांच करने का जिम्मा संसदीय समिति को है और उसे सरकार ने ड्राफ्ट देने से मना करते हुए शंका पैदा कर दी है। सरकार का कहना है कि अभी ड्राफ्ट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है इसलिए वह संसदीय समिति को सौंपा नहीं गया है। सही समय पर दस्तावेज दिए जाएंगे। जजों की नियुक्ति मामले में कॉलेजियम द्वारा सरकार के पुराने प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद केंद्र ने नया प्रस्ताव सीजेआई को सौंपा था।
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जबकि स्टैंडिंग कमेटी ऑन लॉ एंड पर्सनल संबंधित विभाग ने न्यायिक विभाग से उस मेमोरेंडम ऑफ प्रोसेड्योर के ड्राफ्ट की कॉपी मांगी थी जो सरकार ने सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को इसकी स्वीकृति के लिए सौंपी है। इस प्रकार जजों की नियुक्ति के इस मामले को लेकर अब सरकार की नीयत पर शक जाहिर किया जाने लगा है।आप ये ख़बरें अपने मोबाइल पर पढना चाहते है तो दैनिक रॉयलunnamed
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