छोटे कारोबारियों के लिए ‘जीएसटी सुविधा’ की पेशकश

छोटे कारोबारियों के लिए ‘जीएसटी सुविधा’ की पेशकश

नयी दिल्ली। देश में एक जुलाई से एक समान अप्रत्यक्ष कर तंत्र वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने की सरकार की तैयारियों के बीच कारोबारियों के लिए इससे जुड़ी फाइलिंगों को सरल बनाते हुये’जीएसटी सुविधा ने 20 लाख रुपये से 50 लाख रुपये का सालाना कारोबार करने वालों के लिए 2500 रुपये के शुल्क में जीएसटी से जुड़ी सेवायें देने की घोषणा की है।  जीएसटी सुविधा एक स्टार्टअप कंपनी है जो कारोबारियों को सरल तरीके से जीएसटी के लिए आवश्यक ऑनलाइन फाइलिंग करने में मदद करती है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्याम केडिया ने यहां चर्चा में यह घोषणा करते हुये कहा कि जीएसटी के लिए कारोबारियों को कई तरह के कागजात रखने पड़ेंगे और सभी को ऑनलाइन दर्ज करना ही होगा। इसी को ध्यान में रखते हुये उनकी कंपनी ने कारोबारियों को हर तरह की सुविधा देने की पेशकश की है जिसमें कंपनी की वेबसाइट पर लॉगइन करने के बाद मात्र कुछ मिनट में ही सभी कागजी कार्रवाई पूरी की जा सकती है।
एक बार फिर लगेगा झटका…बंद होंगे 2000 के नोट…!
उन्होंने कहा कि इसी काम को करने के लिए कई कंपनियां हजारों रुपये ले रही है जबकि उनकी कंपनी ने इसके लिए 2500 रुपये में सेवा देने की पेशकश की है। उन्होंने कहा कि 20 लाख रुपये से लेकर 50 लाख रुपये तक के कारोबार करने वाले छोटे-छोटे कारोबारी जीएसटी की बारीकियों से अवगत कराने के लिए उनकी कंपनी कार्यशालयें भी आयोजित कर रही है। उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी की वेबसाइट जीएसटी रिफंड कराने में भी मदद करेगी और इसके लिए दूसरी वेबसाइट पर जाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जब केन्द्रीय उत्पाद शुल्क, बिक्री कर और वैट आदि के पंजीकरण के स्थान पर सिर्फ जीएसटी को अपनाने के लिए सरकार ने कहा था तब उनकी कंपनी ने मात्र 499 रुपये में छोटे कारोबारियों को इससे जुड़ी सेवायें दी थी।
नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा से निष्कासित…विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों से पैसे लेने का था आरोप
श्री केडिया ने कहा कि जीएसटी के लागू होने पर कोई भी कारोबारी स्वयं को नहीं बचा पायेगा क्योंकि जहां से वह वस्तुओं की खरीद करेगा उसे भी इस खरीद से जुड़ी जानकारी जीएसटी नेटवर्क पर अपलोड करनी होगी। उनकी कंपनी की वेबसाइट पर अपलोड किये जाने वाले डाटा ऑटोमेटेड जीएसटीएन वेबसाइट पर अपलोड हो जायेगा। उन्होंने बताया कि जो कारोबारी सिर्फ सलाह देना चाहते हैं उनको एक हजार रुपये के शुल्क का भुगतान करना होगा और ऑनलाइन सलाह दी जायेगी।

Share it
Top