चुनाव के तीन साल बाद विजय चंद को मिली ‘विजय’

चुनाव के तीन साल बाद विजय चंद को मिली ‘विजय’



पिथौरागढ़। वर्ष 2014 के पंचायत चुनाव में कनालीछीना विकासखंड की भंडारीगांव रजवार क्षेत्र पंचायत सीट पर जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशी को तीन साल बाद जिला जज की अदालत से न्याय मिला है। निर्वाचन कर्मियों ने विजयी प्रत्याशी के स्थान पर अन्य प्रत्याशी को विजयी घोषित कर दिया था। भंडारीगांव रजवार निवासी विजय चंद पुत्र कीर्ति बहादुर चंद ने वर्ष 2014 को हुए भंडारीगांव रजवार क्षेत्र पंचायत चुनाव के परिणाम को जिला जज के न्यायालय में चुनौती दी थी। कहा था कि उन्होंने क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। 27 जून 2014 को मतों की गणना हुई। उन्हें 500 मत प्राप्त हुए थे, लेकिन निर्वाचन कर्मियों ने उनसे कम मत प्राप्त करने वाले प्रत्याशी दीवान सिंह को विजयी घोषित कर दिया। याचिका में विजय चंद ने कहा था कि क्षेत्र पंचायत सीट के कमतोली बूथ में उन्हें 148 मत प्राप्त हुए थे। मतगणना कर्मियों ने उक्त मतों को एक अन्य प्रत्याशी बहादुर सिंह को प्राप्त होना दर्शा दिया। न्यायालय ने 5 जुलाई 2017 को पंचायत चुनाव के कनालीछीना विकासखंड के सहायक निर्वाचन अधिकारी रवींद्र सिंह सामंत, उपजिलाधिकारी सदर संतोष कुमार पांडेय को भंडारीगांव रजवार के क्षेत्र पंचायत सीट के सुरक्षित रखे गए मतपत्रों के साथ मतगणना के लिए न्यायालय में तलब किया। न्यायालय कक्ष में पुन: मतगणना कराई गई।


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इसका परिणाम याची विजय चंद के पक्ष में रहा। कुल पड़े 1001 मतों में से विजय चंद को 500, दीवान सिंह को 435, बहादुर सिंह को 40 मत प्राप्त हुए। 26 मत रद्द पाए गए। इस प्रकार विजय चंद 65 मतों से विजयी हुए। पुन: हुई मतगणना में प्राइमरी पाठशाला कमतोली बूथ से याची को 149 मत प्राप्त होना साबित हुआ और अन्य प्रत्याशी बहादुर सिंह को केवल 10 मत मिलेे, जबकि वर्ष 2014 में हुई मतगणना में बहादुर सिंह को 149 और याची विजय चंद को 10 मत मिलना दर्शाया गया।

न्यायालय ने माना कि दीवान सिंह को गलत तरीके से 56 मतों से विजयी होना दर्शाया गया। जिला जज राजेंद्र जोशी ने 5 जुलाई को सुनाए फैसले में कहा है कि क्षेत्र पंचायत की भंडारीगांव रजवार सीट से विजय चंद को निर्वाचित घोषित किया जाता है। दीवान सिंह का निर्वाचन रद्द किया जाता है।

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