चीनी उछली, गेहूं और चना नरम, खाद्य तेलों में टिकाव

चीनी उछली, गेहूं और चना नरम, खाद्य तेलों में टिकाव

नई दिल्ली। सामान्य कारोबार के बीच दिल्ली सर्राफा बाजार में खाद्य तेलों तथा गुड़ के भाव आज स्थिर रहे। वहीं, मांग में आयी सुस्ती से चना और गेहूं लुढ़क गये। दालों में भी लगभग टिकाव रहा।
तेल-तिलहन : सरकारी आँकड़ों के अनुसार, इस साल तीन फरवरी तक 84.34 लाख हेक्टेयर रकबे में तिलहन की बुवाई हो चुकी है। पिछले साल की समान अवधि में इसका रकबा 79.42 लाख हेक्टेयर था।
पूछ परख सामान्य रहने से बिनौला तेल, सरसों तेल, मूँगफली तेल, चावल छिलका तेल, तिल तेल, सोया रिफाइंड, सोया डिगम तथा पाम ऑयल के भाव गत दिवस के स्तर पर ही रहे। इनके अलावा अखाद्य तेलों में भी टिकाव रहा।
गुड़-चीनी : चीनी मिल संगठन इस्मा के मुताबिक इस चीनी सत्र में 31 जनवरी तक देश में कुल उत्पादित चीनी का प्रतिशत घट गया है। देश के चीनी मिलों ने कुल 128.55 लाख टन चीनी का उत्पादन किया है, जो गत चीनी सत्र की समान अवधि में 142.80 लाख टन रहा था। अभी देश के लगभग 334 मिलों में पेराई का काम चल रहा है जबकि गत चीनी सत्र में इस अवधि तक 494 मिलों में काम चल रहा था।
इस्मा का कहना है कि चालू चीनी सत्र में कम उत्पादन के साथ-साथ बाजार से कम उठाव की रिपोर्ट भी आ रही है। गत साल जनवरी में चीनी मिलों ने लगभग 25 लाख चीनी की खेप बेची थी लेकिल इस साल जनवरी में यह आंकड़ा काफी घट गया है। स्थानीय बाजार में ग्राहकी सामान्य रहने से गुड़ पहले के भाव पर रहा जबकि ग्राहकी निकलने से चीनी की सभी किस्मों चीनी एम., चीनी एस. और मिली डिलिवरी में 10 रुपये प्रति क्विटल बढ़त रही।
दाल-दलहन: इस साल दलहनों का रकबा भी बढ़ गया है। अब तक 159.72 लाख हेक्टेयर में इनकी बुवाई हो चुकी है जबकि गत वर्ष की समान अवधि में यह आँकड़ा 143.70 लाख हेक्टेयर रहा था। घरेलू बाजार में मांग घटने से चना 150 रुपये और चना दाल 50 रुपये प्रति क्विटल लुढ़क गया। इसके अलावा अरहर दाल, मसूर दाल, मूँग दाल और उड़द दाल गत दिवस पर रहीं।
प्रेमिका के परिजनों ने घर बुलाकर की बेटी के प्रेमी की हत्या, युवक का शव उसके घर के बाहर फेंका

अनाज: इस साल अब तक हुई बुवाई में धान का रकबा घट गया है। अब तक कुल 25.64 लाख हेक्टेयर में
धान की बुवाई हुई है जबकि गत वर्ष की समान अवधि में 29.03 लाख हेक्टेयर में इसकी बुवाई हो चुकी थी। इसी तरह मोटे अनाजों के रकबे में भी गिरावट आयी है। मोटे अनाजों का रकबा 61.05 लाख हेक्टेयर से घटकर इस साल 57.61 लाख हेक्टेयर रह गया है। गेहूँ का रकबा बढ़ा है। अब तक 317.81 लाख हेक्टेयर में इसकी बुवाई हुई है जबकि पिछले साल यह आँकड़ा 297.25 लाख हेक्टेयर रहा था। अनाज मंडी में पर्याप्त आपूर्ति के बीच उठाव में आयी कमी से गेहूँ 10 रुपये प्रति क्विटल सस्ता हो गया। इस दौरान सामान्य कारोबार के बीच चावल एवं मोटे अनाजों में टिकाव देखा गया।
अनाज (भाव प्रति क्विटल)- गेहूँ : देसी एमपी 2800-3570, गेहूँ दड़ा 2,050-2,060, आटा (50 किलो बोरी) 895-900, मैदा 945-950, रवा (सूजी) 1090-1100 (50 किलो बोरी), चोकर 620-630 चावल : बासमती औसत किस्म 4500-4600, परमल 1750-1775, परमल सेला 2250-2350, आरआर (आठ) 1650..1670.
दाल-दलहन : चना 5,900-5,925, दाल चना 7,150-7,350, मसूर काली 5,700-6000, मलका मसूर 6,100-6,700, मूँग 5,650-6,050, मूँग दाल छिलका 5,950-6,450, मूँग दाल धोवा 6,250-6,750, उड़द 6,800-7,200, दाल उड़द छिलका 7,400-7,900, उड़द धोवा 7,300-8,100, अरहर 6,600-7,000 अरहर दाल 6,900-7,300.

Share it
Top